Faridabad/Alive News: फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया (रजि.) के युवा थैलेसीमिया विजेता पार्थ कालरा ने रोटरी क्लब ऑफ फरीदाबाद सेंट्रल के पारिवारिक मिलन कार्यक्रम में लोगों को थैलेसीमिया के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि हर युवक-युवती विवाह से पहले और गर्भावस्था के दौरान थैलेसीमिया की जांच कराए, तो आने वाली पीढ़ियों को इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी से बचाया जा सकता है।
पार्थ कालरा ने विशेष रूप से महिलाओं से इस अभियान में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि “थैलेसीमिया को देश से भगाने में महिलाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।” उनके प्रेरणादायी विचारों और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया।
फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया के महासचिव रविंद्र डुडेजा ने बताया कि संस्था वर्ष 1995 से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए सुरक्षित रक्त, जीवनरक्षक दवाइयों और बेहतर उपचार की व्यवस्था करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज और रोटरी क्लबों के सहयोग से आज कई बच्चे स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रहे हैं।
उन्होंने पार्थ कालरा का उदाहरण देते हुए बताया कि थैलेसीमिया से संघर्ष के बावजूद उन्होंने सीबीएसई परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और दिल्ली के प्रतिष्ठित हिन्दू कॉलेज में प्रवेश लेकर यह साबित किया कि सही उपचार, परिवार का सहयोग और समाज के समर्थन से थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने पार्थ कालरा के प्रयासों की सराहना की और अपने परिवार तथा समाज में थैलेसीमिया जागरूकता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एच.के. बतरा, जगदीश सहदेव, कृष्ण कौशिक, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. विक्रम दुआ सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

