August 25, 2026

नोएडा में ई-बसों की ट्रैफिक में सुरक्षा पर सवाल, मोरना डिपो में सीएनजी पंप के पास बने चार्जिंग पॉइंट

Noida/Alice News: जिले में ई-सिटी बसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में 110 ई-बसों का संचालन हो रहा है। 100 और बसों को सड़क पर उतारने की तैयारी चल रही है। बसों की चार्जिंग व्यवस्था पुरानी और असुरक्षित बनी हुई है।

मोरना डिपो पर बने चार्जिंग स्टेशन की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां ई-बसों के लिए पांच प्वाइंट बनाए गए हैं। जबकि, यहां से प्रतिदिन 50 से अधिक ई-बसें गुजरती हैं। इन पांच प्वाइंटों पर चार्जिंग के दौरान एक दर्जन से अधिक बसें आसपास खड़ी रहती हैं।

चार्जिंग स्टेशन से चंद मीटर की दूरी पर ही सीएनजी पंप है। संवेदनशील क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग और सीएनजी पंप का एक साथ होना बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देना है। चार्जिंग के दौरान कोई भी छोटी घटना गंभीर रूप से सकती है।

जगह पर्याप्त, फिर भी जोखिम भरा काम

मोरना डिपो पर बनाए ई-बसों के चार्जिंग प्वाइंट के लिए सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। डिपो का एक बहुत बडा हिस्सा खाली है। यहां पर चार्जिंग के लिए प्वाइंट बनाए जाते तो बेहतर और सुरक्षित होता। अब भी वही पुराना और जोखिम भरा ढांचा काम कर रहा है।

सेक्टर-90 स्थित ई-बस डिपो में भी लगभग समान स्थिति देखने को मिल रही है। वहां भी चार्जिंग सुविधा अपर्याप्त और असुरक्षित है। ई-बसों का संचालन भी कई महीनों से व्यवस्थित रूप से पटरी पर नहीं लौट पाया है। समयपालन की समस्या, रूटों का ठीक से प्रबंधन न होना भी इसकी वजह बन रहा है।

स्थानीय प्रशासन और परिवहन निगम को इस पर गौर करना चाहिए। शहर में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

ई-बसों की चार्जिंग के लिए प्वाइंट

  • मोरना डिपो: 05
  • ई-बस डिपो सेक्टर-90: 05
  • ग्रेटर नोएडा डिपो: 05
  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 02
  • साहिबाबाद: 05

क्या कहना है एआरएम का

चार्जिंग प्वाइंट सभी मानकों को ध्यान में रख बने हैं। ई-बस डिपो में पांच प्वाइंट और बनाने की प्रक्रिया चल रही है। बसों की संख्या भी बढाने की तैयारी की जा रही है।

  • राजेश कुमार, एआरएम ई-बस डिपो