June 6, 2026

NEET पेपर लीक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, दोबारा परीक्षा कराने की मांग

New Delhi/Alive News: NEET UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है।

FAIMA का कहना है कि (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी- NTA) की कार्यप्रणाली पर अब भरोसा नहीं रहा, इसलिए इसकी मौजूदा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए।

इधर मामले की जांच कर रही (केंद्रीय जांच ब्यूरो- CBI) महाराष्ट्र के नासिक पहुंची और आरोपी शुभम खैरनार को हिरासत में लिया। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम से भी BAMS फर्स्ट ईयर के एक छात्र को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया है।

NTA ने 12 मई को पेपर लीक की पुष्टि के बाद NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।

NTA डीजी ने मानी गड़बड़ी

NTA के डीजी (अभिषेक सिंह) ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है और इसके लिए एजेंसी जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और नई तारीख 6 से 8 दिनों में घोषित होगी।

केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है। एजेंसी ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे सामने आया पेपर लीक मामला

1 मई: केरल से राजस्थान पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’

केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे चूरू के छात्र ने कथित “क्वेश्चन बैंक” सीकर में अपने दोस्त को भेजा।

2 मई: छात्रों के बीच हुआ शेयर

सीकर में यह क्वेश्चन बैंक एक पीजी संचालक तक पहुंचा। वहां से इसे कई छात्रों और करियर काउंसलर्स को शेयर किया गया।

3 मई: पुलिस में शिकायत

परीक्षा के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और NTA को शिकायत दी कि छात्रों के पास ऐसा क्वेश्चन बैंक था, जिसमें परीक्षा जैसे सवाल थे।

6-7 मई: ऑनलाइन चैट वायरल

सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर परीक्षा से जुड़े सवालों और आंसर-की की चर्चाएं वायरल होने लगीं।

7 मई: NTA को मिली जानकारी

NTA के अनुसार, 7 मई की रात एक व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले कुछ लोगों के मोबाइल में सवालों की PDF मौजूद थी। जांच में कई सवाल असली पेपर से मेल खाते पाए गए।

10 मई: कई गिरफ्तारियां

राजस्थान पुलिस की SOG टीम ने जांच शुरू की और 13 लोगों को गिरफ्तार किया।

300 से ज्यादा सवालों वाला ‘क्वेश्चन बैंक’

जांच में सामने आया कि कथित क्वेश्चन बैंक में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में आए।

NEET में कुल 180 सवाल होते हैं और हर सवाल 4 अंक का होता है। यानी लगभग 600 नंबर के सवाल कथित क्वेश्चन बैंक से मेल खाते थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सवालों का मिलना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मैच होना गंभीर मामला है।

नेताओं की प्रतिक्रिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का भविष्य खतरे में है और सरकार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे राजनीतिक संरक्षण होता है।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया।

ऑनलाइन परीक्षा कराने की मांग

नितिन कूकरेजा, ALLEN के CEO ने कहा कि NEET को JEE की तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बना देना चाहिए, ताकि पेपर लीक का खतरा कम हो सके।

2024 में भी हुआ था विवाद

2024 में भी NEET परीक्षा पेपर लीक विवादों में घिरी थी। उस समय कुछ केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी।

विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी बनाई थी।

कमेटी ने सुझाव दिया था कि:

  • ज्यादा परीक्षाएं ऑनलाइन हों
  • परीक्षा केंद्रों पर आउटसोर्सिंग कम की जाए
  • हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाए
  • NEET में प्रयासों की संख्या सीमित करने पर विचार हो

क्या है NEET?

NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसके जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग जैसे कोर्सों में एडमिशन मिलता है।

देश में इस परीक्षा के जरिए 1 लाख से ज्यादा MBBS और करीब 27 हजार BDS सीटों पर दाखिला होता है।