August 26, 2026

न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी पर नीरज शर्मा का विरोध, बोले- मजदूरों के साथ हुआ मजाक

Faridabad/Alive News: एनआईटी-86 से पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने हरियाणा सरकार द्वारा मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में की गई हालिया बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी है और इससे मजदूरों को कोई खास राहत नहीं मिलने वाली।

इसी मांग को लेकर नीरज शर्मा गुरुवार को उप श्रम आयुक्त कार्यालय, फरीदाबाद पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया हमेशा से मजदूरों के प्रति नकारात्मक रहा है।

पूर्व विधायक ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में संशोधन हर पांच साल में होना चाहिए था, लेकिन सरकार ने करीब 10 साल बाद मामूली बढ़ोतरी की है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को वह विधानसभा में भी कई बार उठा चुके हैं।

नीरज शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में मजदूर इस बढ़ोतरी से नाराज हैं और कई फैक्ट्री मालिक अब भी तय न्यूनतम वेतन नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से नियमों को सख्ती से लागू कराने की मांग की।

उन्होंने फरीदाबाद को दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा बताते हुए कहा कि यहां के मजदूरों को भी GRAP जैसी पाबंदियों का असर झेलना पड़ता है। ऐसे में फरीदाबाद में मजदूरी भी दिल्ली के बराबर होनी चाहिए।

सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 15,220.71 रूपए प्रति माह तय की है। इस पर नीरज शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल, दूध, राशन और कपड़ों जैसी जरूरी चीजों की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। ऐसे में इतनी कम बढ़ोतरी से मजदूरों का गुजारा मुश्किल है।

उन्होंने खास तौर पर फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे औद्योगिक शहरों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि भारी किराया और महंगाई के बीच यह वेतन पर्याप्त नहीं है।

पूर्व विधायक ने सरकार से मांग की कि महंगाई के आधार पर मजदूरी बढ़ाने का ऑटोमैटिक सिस्टम लागू किया जाए, ताकि मजदूरों को अपने हक के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।