Faridabad/Alive News: नगर निगम ने नहरपार क्षेत्र के 24 गांवों से वसूले गए संपत्तिकर को वापस करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में निगम प्रशासन ने संबंधित जेडटीओ से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही यह जानकारी भी मांगी गई है कि इन गांवों में अब तक सीवर और पेयजल लाइनों का कितना कार्य पूरा हुआ है।
दरअसल, जब इन गांवों को सरकार द्वारा नगर निगम की सीमा में शामिल किया गया था, तब यह निर्णय लिया गया था कि तीन वर्षों तक यहां के निवासियों से कोई संपत्तिकर नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद निगम की ओर से बकाया टैक्स के नोटिस जारी कर दिए गए, जिसके चलते करीब 1200 लोगों ने संपत्तिकर जमा कर दिया था।
2021 में नगर निगम में शामिल हुए थे 24 गांव
वर्ष 2021 में नहरपार के 24 गांवों को शहरी क्षेत्र मानते हुए नगर निगम की परिधि में शामिल किया गया था। इनमें टिकावली, सोतई, साहुपुरा, तिलपत, चंदावली, भूपानी, मच्छगर, फिरोजपुर माजरा, मुजैड़ी, बड़ौली, नचौली, प्रहलादपुर माजरा, बादशाहपुर, भतौला, पलवली, फरीदपुर, नवादा तिगांव, खेड़ी खुर्द, नीमका, खेड़ी कलां, मिर्जापुर और बुखारपुर जैसे गांव शामिल हैं।
समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीण, नहीं हो रही सुनवाई
नगर निगम में शामिल होने के बावजूद इन गांवों के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निगम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
गांवों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है, नालियां जाम हैं, तालाब ओवरफ्लो हो रहे हैं और कई स्थानों पर नालियों के ऊपर बनी पुलिया टूटी पड़ी हैं। इसके अलावा पंचायती जमीनों की देखरेख का भी अभाव है, जिससे पहले शुरू की गई कई विकास योजनाएं अधूरी पड़ी हैं।

