Noida/Alive News: छोटे बच्चों के हाथों में मोबाइल देना अब उनकी सेहत पर भारी पड़ने लगा है। बढ़ते स्क्रीन टाइम की वजह से कम उम्र के बच्चों में मोबाइल की लत तेजी से बढ़ रही है। इसका असर केवल आंखों पर ही नहीं, बल्कि उनके व्यवहार, पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक विकास पर भी दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 ऐसे बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनमें मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते अभिभावकों ने ध्यान नहीं दिया तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. स्वाति त्यागी ने बताया कि आज के समय में ज्यादातर परिवारों में माता-पिता दोनों नौकरी करते हैं। ऐसे में बच्चों के साथ बिताने का समय कम हो गया है। घर पर अकेले रहने वाले बच्चों के लिए मोबाइल ही सबसे बड़ा साथी बन गया है। कई बार अभिभावक यह भी नहीं देख पाते कि बच्चा मोबाइल पर क्या देख रहा है या कौन-से गेम खेल रहा है।
उन्होंने कहा कि जब बच्चों से मोबाइल लिया जाता है तो वे चिड़चिड़े हो जाते हैं, गुस्सा करते हैं और कई बार रोने या जिद करने लगते हैं। इसे डिजिटल एडिक्शन कहा जा सकता है, जो अब बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है। पहले बच्चे बाहर जाकर खेलते थे और दोस्तों के साथ समय बिताते थे, लेकिन अब उनका अधिकतर समय मोबाइल स्क्रीन के सामने गुजर रहा है। इससे उनका सामाजिक व्यवहार भी प्रभावित हो रहा है। बच्चे मोबाइल पर जैसा कंटेंट देखते हैं, उसका असर उनके व्यवहार में भी नजर आता है। यदि वे हिंसक या आक्रामक वीडियो और गेम ज्यादा देखते हैं तो उनके स्वभाव में भी गुस्सा और आक्रामकता बढ़ सकती है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों के स्क्रीन टाइम के साथ-साथ उनके देखे जाने वाले कंटेंट पर भी नजर रखनी चाहिए। अस्पताल में रोज करीब 40 से 50 मामले डिजिटल एडिक्शन के आ रहे है जो कि आठ साल से ऊपर के बच्चों में दिख रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि पहले बच्चे अधिक सक्रिय रहते थे। वे बाहर खेलते थे और शारीरिक गतिविधियां करते थे, लेकिन अब मोबाइल के कारण उनकी सक्रियता कम हो गई है। इससे बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है और आंखों की कमजोरी, गर्दन में दर्द, सर्वाइकल की समस्या, नींद में कमी और शारीरिक थकान जैसी दिक्कतें भी बढ़ रही हैं। अस्पताल में रोजाना पांच से छह ऐसे बच्चे भी आते हैं, जिनमें मोबाइल के अधिक इस्तेमाल के कारण मोटापा की समस्या देखने को मिल रही है।

