International/Alive News: अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 75 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में यूनिवर्सिटी के छात्र, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी असदाबाद में कई घरों के साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया।
तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने इन हमलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि दोपहर करीब 2 बजे मोर्टार और रॉकेट से हमला किया गया। हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है और कहा है कि उसने किसी यूनिवर्सिटी या रिहायशी इलाके को निशाना नहीं बनाया।
इससे एक दिन पहले, अफगानिस्तान के कंधार इलाके में सीमा पर दोनों देशों के बीच झड़प हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पिन बोल्डक इलाके में हुई फायरिंग में पाकिस्तान के 6 सैनिक मारे गए और एक सैनिक को बंधक बना लिया गया। हालांकि इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि झड़प की शुरुआत तब हुई जब सीमा पार से फायरिंग में एक स्थानीय बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की।
दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। मार्च में दोनों के बीच सीजफायर हुआ था, जिससे कुछ समय के लिए हालात शांत हुए थे, लेकिन अब फिर से तनाव बढ़ता दिख रहा है। चीन, तुर्किए, कतर, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश इस विवाद को खत्म कराने की कोशिश कर चुके हैं।
इस साल फरवरी से ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष बढ़ा है। पाकिस्तान का कहना है कि वह सीमा पार मौजूद TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों पर कार्रवाई कर रहा है। वहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
TTP और पाकिस्तान के बीच टकराव 2001 के बाद बढ़ा, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अमेरिका का साथ दिया। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार इस्लाम के खिलाफ काम कर रही है, इसलिए वह उसके खिलाफ हमले करता है। अफगान तालिबान और TTP के बीच भी करीबी संबंध बताए जाते हैं।

