New Delhi/Alive News: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे ने गुरुवार को 20 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को मांगों पर विचार करने और कार्रवाई के लिए 90 दिन का समय दिया है। जरांगे ने चेतावनी दी कि अगर तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह दोबारा मुंबई में आंदोलन करेंगे।
जरांगे ने 29 अगस्त को जालना जिले के अंतरवाली सराटी से भूख हड़ताल शुरू की थी। वह मराठा समुदाय को कुणबी वंशावली के आधार पर OBC आरक्षण देने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने हैदराबाद, सतारा और औंध गजट को मान्यता देने और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर कुणबी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी रखी थी।
तबीयत बिगड़ने पर रोकना पड़ा था मुंबई मार्च
मांगों पर सुनवाई नहीं होने के बाद मनोज जरांगे ने 15 सितंबर को मुंबई के लिए मार्च शुरू किया था। हालांकि, अगले दिन बीड जिले के पाटोदा पहुंचने पर उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें मार्च रोकना पड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम हो गया था। उन्हें डिहाइड्रेशन की समस्या भी हुई थी।
सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद खत्म किया आंदोलन
मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। यह बैठक पाटोदा में हुई प्रतिनिधिमंडल में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, दादा भुसे, MLC प्रसाद लाड, विधायक सुरेश धस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान सरकार की ओर से मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई।
मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने बताया कि सतारा और कोल्हापुर गजट को लेकर एडवोकेट जनरल की लिखित राय मिलने के बाद आगे की कार्रवाई में करीब 3 से 4 महीने लग सकते हैं। उन्होंने जरांगे से तीन प्रतिनिधि नियुक्त करने को भी कहा, ताकि वे सरकारी कामकाज की प्रगति पर नजर रख सकें।
सरकार का दावा- 13 में से 12 मांगों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों की 13 में से 12 कानूनी रूप से वैध मांगों पर कार्रवाई की है। उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान आंदोलन किए जाने के समय पर भी सवाल उठाए थे। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने जरांगे से आंदोलन खत्म करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। वहीं, मंत्री आशीष शेलार ने भी जरांगे से अपनी सेहत का ध्यान रखने और गणेश उत्सव के दौरान प्रदर्शन टालने की अपील की थी।
2025 में भी मुंबई में किया था आंदोलन
मनोज जरांगे ने अगस्त-सितंबर 2025 में मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल की थी। उस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक मुंबई पहुंचे थे, जिससे दक्षिण मुंबई में यातायात और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई थीं।
सरकार की ओर से उनकी 8 में से 6 मांगें स्वीकार किए जाने और कुणबी वर्गीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद 2 सितंबर 2025 को आंदोलन समाप्त हुआ था।

