June 6, 2026

ममता बनर्जी का बड़ा एलान: पुलिस की अनुमति न मिलने पर भी बंगाल में धरने पर बैठेंगी TMC प्रमुख, बोलीं- ‘गिरफ्तारी के लिए तैयार हूं’

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Kolkata/Alive News : पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनाम तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राजनीतिक लड़ाई लगातार तीखी होती जा रही है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों के बाद से सूबे का सियासी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बड़ा एलान करते हुए साफ कर दिया है कि पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वह कोलकाता में प्रस्तावित धरने पर जरूर बैठेंगी।

ममता बनर्जी को 2 जून को कोलकाता में धरने पर बैठना था, लेकिन पुलिस ने इस प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद टीएमसी प्रमुख ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों और रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने संबंधी रेलवे के अभियान के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन होकर रहेगा।

‘अशिक्षित लोगों के हाथों में सौंप दिया गया बंगाल’
केंद्र की सत्ताधारी भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में आम लोग और छोटे व्यापारी इस समय डर के साये में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों को बिना किसी उपयुक्त पुनर्वास योजना के हटाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर धन-बल के दम पर टीएमसी विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया।

नेताओं के पार्टी छोड़ने पर ममता बनर्जी ने कहा कि निजी स्वार्थ के लिए नेताओं के जाने से संगठन का पुनर्निर्माण करने में मदद मिलेगी और पार्टी इस संकट से और मजबूत होकर उभरेगी। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “लोग भयभीत क्यों हैं? लोग चिंतित क्यों हैं? पूरा माहौल बदल गया है। कोलकाता और बंगाल को अशिक्षित लोगों के हाथों में सौंप दिया गया है।”

टीएमसी प्रमुख ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक तृणमूल के 12 कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को अपना घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

इन मुद्दों को लेकर रानी रासमणि रोड पर होगा प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने बताया कि उनके इस लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन का मकसद कई गंभीर मुद्दों को उठाना है, जिनमें
-टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर लगातार हो रहे हमले।
-रेहड़ी-पटरी वालों (हॉकर्स) को बिना किसी पुनर्वास के जबरन हटाना।
-राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई कथित अनियमितताएं और धांधली।

इन सभी मुद्दों के खिलाफ वह कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर धरना देने जा रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चुनौती देते हुए कहा, “आधिकारिक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन होगा। अगर हमें वहां धरना देने की इजाजत नहीं दी गई तो जहां भी रोका जाएगा, मैं वहीं धरना दूंगी। मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं। जरूरत पड़ी तो मैं धरना देने दिल्ली तक जाऊंगी।”

“अगर उनका इरादा प्रदर्शन करने का है, तो वो प्रदर्शन कर सकती हैं”
– राहुल सिन्हा, भाजपा सांसद