June 6, 2026

ममता बनर्जी का बड़ा दावा: ‘अभिषेक बनर्जी को हटाने की शर्त पर TMC में लौटना चाहते हैं कुछ नेता, पर गद्दारों के लिए जगह नहीं’

West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee and her nephew Abhishek Banerjee (File photo).

Kolkata/Alive News : पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनाम तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राजनीतिक लड़ाई में हर दिन नए और चौंकाने वाले मोड़ आ रहे हैं। कोलकाता में पुलिस की अनुमति के बिना धरने पर बैठने का एलान करने के बाद, अब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और पार्टी छोड़ने वाले दलबदलुओं पर चौकाने वाले दावे कर सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है।

ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल को स्वीकार करते हुए साफ कर दिया है कि बिना विचारधारा और सिद्धांत वाले नेता अब तृणमूल कांग्रेस के लिए शर्तें तय नहीं कर सकते।

‘शुभेंदु अधिकारी को मैंने ही चुनाव में उतारा था’

भाजपा नेता और बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह कभी उनके बेहद करीबी सहयोगी थे। ममता ने कहा, “मैंने शुभेंदु को चुनावों में उतारा था क्योंकि मैं उनके पिता और परिवार को लंबे समय से जानती थी।” इसी के साथ उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि उन्हें एक संदेश (Message) भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि अगर उनके भतीजे और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को टीएमसी संगठन के नेतृत्व से हटा दिया जाए, तो कुछ नेता पार्टी में वापस लौटने को तैयार हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “मैं इन लोगों को बहुत अच्छी तरह से जानती हूं। जिनकी कोई विचारधारा या सिद्धांत नहीं है, वे हमारे लिए शर्तें तय नहीं कर सकते।”

80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे बैठक में

ममता बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब तृणमूल ने कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए दो विधायकों को निष्कासित कर दिया है। इसी बीच टीएमसी के भीतर जारी राजनीतिक संकट भी खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को तृणमूल विधायकों के साथ पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की होने वाली अहम बैठक रद्द करनी पड़ी, क्योंकि पार्टी के 80 विधायकों में से केवल 20 विधायक ही बनर्जी के आवास पर पहुंचे थे।

‘अभिषेक बनर्जी के बढ़ते कद से डरी बीजेपी’

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा अभिषेक बनर्जी के बढ़ते राजनीतिक कद के कारण उन्हें लगातार निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में उन पर हुए हमले के बाद उन्हें उपयुक्त इलाज तक नहीं मिलने दिया गया।

बता दें कि शनिवार को कोलकाता के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के साथ दुर्व्यवहार किया गया था, जहां गुस्साई भीड़ ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके थे। वह वहां चुनाव बाद की कथित हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे।

दलबदलुओं पर साधा निशाना, रीताब्रता बनर्जी पर फूटा गुस्सा

पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल छोड़ने वाले कई नेताओं ने वर्षों तक सत्ता और पद का सुख भोगा है, लेकिन अब अपने निजी स्वार्थ के लिए पाला बदल रहे हैं। हाल ही में टीएमसी से निष्कासित किए गए विधायक रीताब्रता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “2017 में माकपा (CPM) द्वारा निष्कासित किए जाने के बाद हमारी पार्टी ने उन्हें शामिल करके बड़ी गलती की थी। मैं उन्हें निष्कासित करने के लिए सीपीएम को धन्यवाद देती हूं। हमारी गलती यह थी कि वह हमारे पास आए और मेरे पैरों पर गिर गए, जिसके बाद हमने उन पर भरोसा किया और टिकट दिया। आज उन्होंने पार्टी और जनता दोनों को धोखा दिया है। हमें खुशी है कि वह चले गए, अब हम पार्टी का नए सिरे से पुनर्निर्माण करेंगे।”

  • ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख