June 6, 2026

AAP में बड़ी टूट: 7 राज्यसभा सांसदों के जाने पर विवाद, पार्टी 3 सांसदों की सदस्यता खत्म करने की तैयारी में

New Delhi/Alive News: आम आदमी पार्टी (AAP) में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबर के बाद विवाद तेज हो गया है।

राघव चड्ढा ने दावा किया कि 7 सांसद उनके साथ हैं, इसलिए उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होगा। वहीं AAP का कहना है कि सिर्फ 3 सांसद ही पार्टी छोड़कर भाजपा में गए हैं और बाकी 4 अभी भी उनके साथ हैं।

सूत्रों के मुताबिक, AAP जल्द राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल की सदस्यता खत्म करने की मांग कर सकती है।

इस पूरे मामले पर भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि “7 चीजें मिलकर स्वाद तो बढ़ाती हैं, लेकिन उनसे सब्जी नहीं बन सकती।”

इसी बीच पार्टी के अंदर हलचल तेज हो गई है। मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी “ऑपरेशन लोटस” के जरिए पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी छोड़ने से पहले 3 सांसदों ने केजरीवाल से मुलाकात भी की थी।

सांसदों के जाने की मुख्य वजहें:
राघव चड्ढा पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे और उन्हें अहम जिम्मेदारियों से हटाया गया था।

संदीप पाठक को पार्टी के फैसलों से दूर रखा जा रहा था।
स्वाति मालीवाल का केजरीवाल से विवाद चल रहा था।
अशोक मित्तल को ईडी कार्रवाई के दौरान पार्टी का साथ नहीं मिला।

हरभजन सिंह और अन्य नेताओं को पार्टी में महत्व नहीं मिलने की बात सामने आई।

पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें लग रहा था कि वह “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगे और लोग उनके साथ आ सकते हैं।

इस घटनाक्रम के बाद AAP और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले।