June 9, 2026

भारत के परमाणु हथियार बढ़कर 190 हुए, पहली बार 12 परमाणु हथियार तैनात: SIPRI रिपोर्ट

भारत के परमाणु हथियारों और मिसाइल शक्ति पर SIPRI 2026 रिपोर्ट

New Delhi/Alive News: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियारों को तैनात किया है। इसके साथ ही देश का कुल परमाणु हथियार भंडार बढ़कर 190 हो गया है, जो पाकिस्तान के 170 परमाणु हथियारों से 20 अधिक है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत ने कोई परमाणु हथियार तैनात नहीं किया था, जबकि 2026 में 12 हथियारों की तैनाती का अनुमान लगाया गया है। हालांकि भारत सरकार अपने परमाणु हथियारों की संख्या और क्षमता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करती। SIPRI जैसी संस्थाएं उपलब्ध आंकड़ों और आकलन के आधार पर रिपोर्ट जारी करती हैं।

SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार दुनिया में एक नई परमाणु हथियार प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। अमेरिका, रूस, चीन, भारत और पाकिस्तान सहित सभी परमाणु शक्ति संपन्न देश अपने हथियारों और सैन्य प्रणालियों को आधुनिक बना रहे हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं। इनमें से 9,745 हथियार सैन्य उपयोग के लिए तैयार स्थिति में रखे गए हैं।

भारत का रक्षा बजट भी लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में भारत का रक्षा खर्च 92.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। रक्षा खर्च के मामले में भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत लंबी दूरी की ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो चीन के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सकें। साथ ही भारत MIRV तकनीक पर भी काम कर रहा है, जिसके जरिए एक ही मिसाइल कई परमाणु हथियार ले जाकर अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला कर सकती है।

भारत की समुद्री परमाणु क्षमता भी मजबूत हो रही है। परमाणु पनडुब्बी INS अरिहंत और अन्य समुद्री प्लेटफॉर्म भारत की सेकेंड स्ट्राइक क्षमता को मजबूत बना रहे हैं। इससे किसी भी संभावित हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की क्षमता बनी रहती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन के पास अब लगभग 620 परमाणु हथियार हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार मौजूद हैं। दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का लगभग 86 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका और रूस के पास है।

SIPRI ने भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य तनाव और ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया है। रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान दोनों देशों ने पहली बार खुले तौर पर साइबर और डिजिटल ऑपरेशन्स का इस्तेमाल किया था।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि दुनिया के कई हिस्सों में बड़े सैन्य संघर्ष का खतरा अब भी बना हुआ है और परमाणु हथियारों की दौड़ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।