June 28, 2026

हरियाणा में आज भर्ती प्रणाली जनता के साथ खुला धोखा बन चुकी – दिग्विजय चौटाला

Chandigarh/Alive News: प्रदेश में दलितों, पिछड़ों, सामान्य वर्ग और पूरी जनता के साथ सरकार खुला धोखा कर रही है। हाल ही में आए अंग्रेज़ी असिस्टेंट प्रोफेसर के परिणामों ने इस सच्चाई को उजागर कर दिया है। उन्होंने बताया कि ओएससी की 60 पोस्ट में सिर्फ 2, डीएससी की 60 पोस्ट में सिर्फ 1, बीसीए की 85 पोस्ट में केवल 3, बीसीबी की 36 पोस्ट में 5 और ईडब्ल्यूएस की 60 पोस्ट में महज 6 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। वहीं सामान्य वर्ग की 312 पोस्ट में 134 का चयन हुआ, जिनमें से 80 से अधिक अभ्यर्थी हरियाणा से बाहर के हैं। यह बात जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने हरियाणा की भर्ती प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कही।

दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि यह आंकड़े साफ़ दिखाते हैं कि दलितों और पिछड़ों को सिर्फ चपरासी बनाने के लिए छोड़ा गया है, अधिकारी बनाने के लिए नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हरियाणा में 150 में से 35 प्रतिशत यानी 52.5 अंक लाने वाला भी कोई योग्य नहीं है? और अगर ऐसा है तो सरकार को इस पर ज़रा भी चिंता क्यों नहीं है। पारदर्शिता और ईमानदारी की बातें अब केवल चुनावी जुमले बनकर रह गई हैं।

उन्होंने विशेष रूप से डीएससी समाज के युवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सबसे ज्यादा धोखा डीएससी बच्चों के साथ हो रहा है, दिग्विजय चौटाला ने बताया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग के तहत प्रोफेसर भर्ती में डीएससी कैटेगरी के लिए 200 पद निर्धारित थे, लेकिन चयन सिर्फ 6 का हुआ और 194 पद जानबूझकर खाली छोड़ दिए गए।

यही हाल पीजीटी और एएम ओ भर्ती में भी देखने को मिला, जहां डीएससी के लिए 674 पद थे, लेकिन केवल 324 पर ही भर्ती की गई और आधे से अधिक पद खाली छोड़ दिए गए।