Faridabad/Alive News: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब मेडिकल टूरिज्म पर भी साफ दिखाई देने लगा है। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के कई निजी अस्पतालों में खाड़ी देशों से आने वाले मरीजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
पहले जहां बड़ी संख्या में विदेशी मरीज इलाज के लिए यहां आते थे, वहीं अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। जिले के अधिकांश निजी अस्पतालों में बने इंटरनेशनल लाउंज अब खाली नजर आ रहे हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, फरीदाबाद में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ अन्य देशों की तुलना में सस्ता इलाज उपलब्ध है, जो विदेशी मरीजों को आकर्षित करता था। लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने इस प्रवाह को प्रभावित कर दिया है।
युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है, वहीं सुरक्षा कारणों से भी मरीज और उनके परिजन यात्रा से बच रहे हैं।
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, पहले हर महीने 50 से 60 विदेशी मरीज इलाज के लिए आते थे, लेकिन अब उनकी संख्या शून्य हो गई है। जिले के अन्य अस्पतालों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही बनी हुई है।
फरीदाबाद में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कई बड़े अस्पताल हैं, जिन्होंने अपनी चिकित्सा सेवाओं के दम पर अलग पहचान बनाई है, लेकिन मौजूदा हालात ने मेडिकल टूरिज्म को बड़ा झटका दिया है।

