June 6, 2026

अवैध कॉलोनियों पर हाईकोर्ट सख्त, दस साल का रिकॉर्ड खंगालेगी एंटी करप्शन ब्यूरो

Faridabad/Alive News: जिले में अब शायद ही कोई गांव बचा हो जहां कृषि योग्य जमीन पर अवैध कॉलोनियां न काटी गई हों। नगर निगम क्षेत्र से लेकर यमुना नदी तक एक हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं और ज्यादातर में निर्माण कार्य जारी है। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई जरूर हुई, लेकिन वहां भी दोबारा निर्माण शुरू हो गया है।

अवैध कॉलोनियों के बढ़ते नेटवर्क ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन पर रोक लगाने की जिम्मेदारी जिला नगर योजनाकार (एनफोर्समेंट) विभाग की होती है, जहां डीटीपीई, जेई और तोड़फोड़ टीम मौजूद रहती है। इसके बावजूद अधिकारियों के सामने ही कॉलोनियां बसाई जा रही हैं और कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है।

इसी मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अवैध कॉलोनियां बसाने वालों की पहचान और जांच के आदेश प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो अब जिला नगर योजनाकार विभाग से पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड मांगेगी। इसमें यह जांच होगी कि कितनी कॉलोनियां काटी गईं, कितनी बस गईं और इस दौरान कौन-कौन से अधिकारी तैनात रहे।

इस जांच से विभाग में हलचल मच गई है। पिछले एक दशक में जिले में धर्मवीर खत्री, नरेश कुमार, राजेंद्र शर्मा, राहुल कुमार और वर्तमान में यजन चौधरी डीटीपीई के पद पर रहे हैं। हालांकि इन अधिकारियों ने कार्रवाई की, लेकिन अवैध कॉलोनियों पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। यहां तक कि यमुना पार फार्म हाउस तक तोड़े गए, लेकिन वहां भी दोबारा निर्माण शुरू हो गया।

अवैध कॉलोनियों का सबसे बड़ा असर मास्टर प्लान 2031 पर पड़ रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ग्रेटर फरीदाबाद के 18 गांवों—खेड़ी कलां, नचौली, ताजुपुर, ढहकौला, शाहबाद, बदरपुर सैद, साहुपुरा, सोतई, सुनपेड़, मलेरना, जाजरू, भैंसरावली, फत्तुपुरा, भुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सदपुरा और तिगांव—की करीब साढ़े चार हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की योजना बना रहा है।

इनमें से अधिकांश गांवों में अवैध प्लॉटिंग तेजी से हो रही है। मास्टर प्लान के तहत तय विकास कार्य, जैसे मास्टर रोड और सेक्टर रोड का निर्माण, इन अवैध कॉलोनियों के कारण प्रभावित हो सकता है। एक बार कॉलोनी बस जाने के बाद उसे हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

क्या कहना है जिला नगर योजनाकार का

हर महीने 10 से 12 जगह अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की जा रही है। सूचना मिलने और अपने गुप्त सूत्रों से पता लगते ही दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंच जाता है। 

– यजन चौधरी, जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट