June 6, 2026

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की भव्य पूजा, मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने की विशेष आराधना

Faridabad/Alive News: चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन महारानी वैष्णो देवी मंदिर में मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की भव्य पूजा-अर्चना श्रद्धा और उत्साह के साथ की गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और पूरे वातावरण में भक्ति का माहौल बना रहा।

मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातःकालीन आरती, हवन और यज्ञ का शुभारंभ करवाया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नगर निगम फरीदाबाद की मेयर प्रवीण बत्रा जोशी विशेष रूप से मंदिर पहुंचीं और आरती व हवन यज्ञ में भाग लिया। उन्होंने माता के समक्ष माथा टेककर ज्योत प्रज्वलित की और शहर, प्रदेश एवं देश की सुख-शांति और उन्नति की कामना की।

इस मौके पर मंदिर संस्थान की ओर से मेयर को माता रानी की चुनरी और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया। पूजा-अर्चना के बाद मेयर ने श्रद्धालुओं को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

हवन यज्ञ के उपरांत प्रधान जगदीश भाटिया ने मां कूष्मांडा की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि देवी को मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना करने वाली ‘अंडज’ शक्ति माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन पीले या नारंगी वस्त्र धारण कर माता को हल्दी युक्त जल, पीले पुष्प और मालपुए का भोग अर्पित करने से स्वास्थ्य, ऊर्जा और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

उन्होंने पूजा विधि की जानकारी देते हुए बताया कि घर के पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर माता कूष्मांडा की प्रतिमा स्थापित करें और कुमकुम, अक्षत, रोली तथा लाल या पीले फूल अर्पित करें। साथ ही “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे नमः” अथवा “या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता” मंत्र का 108 बार जाप करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

भाटिया ने बताया कि मां कूष्मांडा सूर्य के समान ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे कुंडली के सूर्य दोष दूर होते हैं। उनकी कृपा से सभी प्रकार के भय, रोग और कष्टों का नाश होता है तथा सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है।