June 6, 2026

फरीदाबाद में आर्य समाज स्थापना सप्ताह का भव्य आयोजन, विभिन्न कार्यक्रमों से गूंजा डीएवी शताब्दी महाविद्यालय

Faridabad/Alive News: आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि उपसभा, हरियाणा एवं आर्य युवा समाज, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में डी.ए.वी. शताब्दी महाविद्यालय, फरीदाबाद में 19 मार्च से 25 मार्च 2026 तक आर्य समाज स्थापना सप्ताह बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। सप्ताह भर चले इस आयोजन में धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों की श्रृंखला ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत 19 मार्च को आर्य समाज के 152वें स्थापना दिवस एवं नव संवत्सर (चैत्र प्रतिपदा) के अवसर पर हुई। इस दौरान यज्ञ आयोजन के पश्चात महर्षि दयानंद सरस्वती के उपकारों का स्मरण किया गया। प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाते हुए आर्य समाज के 151 वर्षों के वेद प्रचार, संगठन निर्माण और सामाजिक उत्थान जैसे कार्यों पर प्रकाश डाला गया।

22 मार्च को हैदराबाद सत्याग्रह आंदोलन स्मरण दिवस के रूप में मनाया गया। यह दिन महात्मा खुशहाल चंद की गिरफ्तारी से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर 1939 में निज़ामशाही के विरुद्ध हुए ऐतिहासिक आंदोलन को याद किया गया। महात्मा खुशहाल चंद के नेतृत्व में 50,000 से अधिक आर्य जनों द्वारा दी गई स्वयं गिरफ्तारी और उनके साहसिक योगदान को यज्ञ एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

सप्ताह का समापन 25 मार्च को डी.ए.वी. परिवार के प्रमुख डॉ. पूनम सूरी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में किया गया। इस अवसर पर 79 कुंडीय हवन, विशेष व्याख्यान एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की स्टाफ सचिव डॉ. अर्चना सिंघल ने समस्त महाविद्यालय की ओर से डॉ. सूरी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, यश और दीर्घायु की कामना की।

मुख्य वक्ता एवं हवनकर्ता के रूप में उपस्थित आचार्य रामपुकार जी ने अपने संबोधन में डॉ. सूरी के नेतृत्व और योगदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. नरेंद्र कुमार (कार्यकारी प्राचार्य एवं प्रधान, आर्य समाज इकाई) के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अर्चना सिंघल रहीं, जबकि डॉ. जितेंद्र ढुल और डॉ. वलेरिया सेठी ने सह-संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन सचिव के रूप में तनुजा गर्ग, नीति नागर, डॉ. ममता कुमारी और कविता शर्मा ने सक्रिय योगदान दिया।

इसके अतिरिक्त आयोजन समिति में नीरज मलिक, डॉ. रश्मि, देवदत्त, नेत्रपाल और पूजा गोयल सहित कई सदस्यों ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही।

यह आयोजन न केवल आर्य समाज के आदर्शों को पुनः स्थापित करने में सफल रहा, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, एकता और जागरूकता के प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।