Faridabad/Alive News: सुशासन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक सशक्त और प्रभावी व्यवस्था है, जिसका मूल उद्देश्य आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना है। यह बात केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कही। वे वीरवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन दिवस समारोह बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर वहां उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक धनेश अदलखा, फरीदाबाद एनआईटी विधायक सतीश फागना, नगर निगम मेयर प्रवीण जोशी, भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूरन रामपाल व बल्लभगढ़ जिलाध्यक्ष सोहन पाल सिंह, पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा, जिला परिषद चेयरमैन विजय सिंह भी मौजूद रहे।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि सुशासन की बुनियाद जनता की भागीदारी, कानून का शासन, पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही, सामाजिक न्याय और मानव अधिकारों के संरक्षण पर टिकी होती है। वर्ष 2014 के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने प्रशासन के आधुनिकीकरण की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिला है। डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग, समयबद्ध और बाधारहित सेवा वितरण तथा समावेशी विकास की नीति ने शासन को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाया है।
सुशासन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रसारण किया गया। जिसमें भारत रतन अटल बिहारी वाजपेई जी के जीवन चरित्र पर एक लघु फिल्म दिखाई गई और सबका साथ सबका विकास सुशासन पर एक वृत्तचित्र भी प्रसारित किया गया।
राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बताया गया कि उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया गया, प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों को पक्का आवास मिला, किसान सम्मान निधि से किसानों को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ और जल जीवन मिशन के अंतर्गत लाखों घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। इसके साथ ही शौचालय निर्माण, सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है, जिससे देश के दूर-दराज के क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़े हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत हजारों पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया, जिससे प्रशासन अधिक जनहितैषी, सरल और प्रभावी बना। सुशासन के इन प्रयासों का सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है और भारत तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को सुशासन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और विश्वास व्यक्त किया गया कि शासन और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से देश और प्रदेश आने वाले वर्षों में विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की नई बुलंदियों को छुएंगे।

