August 24, 2026

फरीदाबाद में साइबर थाना NIT की कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद में साइबर ठगी के मामलों में गिरफ्तार आरोपी

Faridabad/Alive News: साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी कस्टमर केयर नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों से साइबर ठगी की।

ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर 55,868 रुपये ठगे

ऑनलाइन ऐप के जरिए लोन दिलाने का झांसा देकर 55,868 रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने सौरभ कुमार और धनंजय चौधरी, निवासी नालंदा, बिहार को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने ‘क्रेडिट बी’ (Credit Bee) के नाम से फर्जी कस्टमर केयर पेज बनाकर उसे गूगल पर अपलोड किया था। शिकायतकर्ता ने अपने पहले से चल रहे लोन की जानकारी लेने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया और आरोपियों के संपर्क में आ गया।

आरोपियों ने शिकायतकर्ता से निजी जानकारी लेने के बाद ऑनलाइन ऐप के जरिए लोन की प्रक्रिया पूरी करवाई। बाद में जब शिकायतकर्ता ने लोन लेने से मना किया तो आरोपियों ने उसे लोन की रकम एक वॉलेट अकाउंट में वापस भेजने के लिए कहा। शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए तरीके से रकम भेजने के बाद आरोपियों ने उसके साथ ठगी कर ली।

दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 9.66 लाख रुपये ठगे

दूसरे मामले में शेयर मार्केट में निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 9,66,000 रुपये की ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने रिठाला, दिल्ली निवासी एक महिला को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने साइबर ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस खाते में साइबर ठगी की रकम में से 2 लाख रुपये आए थे।

आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक, 90 हजार रुपये की ठगी

तीसरे मामले में APK फाइल भेजकर मोबाइल फोन हैक करने और 90,000 रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने प्राशुन निवासी एटा, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि प्राशुन वृंदावन में होटल चलाता है और इस साइबर ठगी के मामले में खाताधारक की भूमिका में था। उसने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। ठगी के जरिए प्राप्त 90,000 रुपये उसके बैंक खाते में आए थे।

आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।