Faridabad/Alive News: फरीदाबाद साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के रायसेन निवासी सतीश (28) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसके बैंक खाते में फोन हैक कर की गई साइबर ठगी के 45 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। शिकायत के अनुसार, गोठरा गांव निवासी एक व्यक्ति का मोबाइल 23 मई 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने हैक कर लिया था। इसके बाद उसके बैंक खाते से 45 हजार रुपये निकाल लिए गए।
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना एनआईटी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें ठगी की रकम पहुंची थी। बैंक डिटेल के आधार पर खाताधारक सतीश को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि उसके खाते में ठगी की पूरी 45 हजार रुपये की रकम आई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी 12वीं तक पढ़ा है और फैक्टरी में मजदूरी करता है।
दूसरे मामले में पुलिस ने मथुरा, उत्तर प्रदेश निवासी वारिश (19) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल एक महिला से ठगी की रकम लेने के लिए किया गया था। इस मामले में सेक्टर-21 निवासी महिला ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी।
महिला के अनुसार, उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को उसके पिता का जानकार बताया और कहा कि उसके पिता ने उसे 15 हजार रुपये भेजने के लिए कहा है। इसके बाद महिला के मोबाइल पर 10 हजार और 50 हजार रुपये जमा होने के फर्जी मैसेज भेजे गए। इन मैसेज पर भरोसा करके महिला ने बिना बैंक खाते का वास्तविक बैलेंस चेक किए बताए गए खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में बैंक बैलेंस चेक करने पर महिला को पता चला कि उसके खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई थी। इसके बाद उसे साइबर ठगी का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें महिला ने पैसे ट्रांसफर किए थे। खाते के आधार पर पुलिस ने वारिश को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, वारिश के बैंक खाते में साइबर ठगी की 22 हजार रुपये की रकम आई थी। आरोपी पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और वर्तमान में बेरोजगार है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें। किसी के बताए खाते में पैसे भेजने से पहले अपने बैंक खाते का वास्तविक बैलेंस जरूर जांचें।

