Faridabad/Alive News : फरीदाबाद में पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वर्ष 2022 में थाना सेक्टर-8 क्षेत्र के तहत 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। फरीदाबाद पुलिस ने इस जघन्य मामले को ‘चिन्हित अपराध’ की श्रेणी में रखकर वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित पैरवी की थी।
मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक सविता द्वारा की गई थी, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 अगस्त 2022 को मुख्य आरोपी रणजीत को गिरफ्तार किया और 7 सितंबर 2022 को अदालत में चालान पेश किया। मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 26 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिषेक फुटेला की अदालत ने तमाम भौतिक, तकनीकी साक्ष्यों और मजबूत पैरवी के आधार पर शुक्रवार को दोषी को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास व 2 लाख रुपये का जुर्माना तथा आईपीसी की धारा 342 के तहत 1 साल की कैद की सजा सुनाई। फरीदाबाद पुलिस के इस प्रभावी कदम से पीड़िता को न्याय मिलने के साथ अपराधियों में कड़ा संदेश गया है।

