Faridabad/Alive News: बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम लाने के लिए जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खासकर 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए हर सप्ताह टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाए रखने के साथ उनकी कमजोरियों को पहचानना और उन्हें समय रहते दूर करना है। टेस्ट में विद्यार्थियों को मिले अंकों का रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है, ताकि उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।
टेस्ट के बाद शिक्षक विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण कर उनकी गलतियों को समझाते हैं। जिन विषयों और अध्यायों में विद्यार्थी कमजोर पाए जाते हैं, उन पर विशेष अभ्यास कराया जाता है। इससे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र हल करने, उत्तर लिखने और निर्धारित समय में पेपर पूरा करने का अभ्यास मिल रहा है।
मेट्रो मोड़ स्थित सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार ने बताया कि स्कूलों में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा, बल्कि उन्हें बोर्ड परीक्षा के पैटर्न के अनुसार भी तैयार किया जा रहा है। नियमित टेस्ट से विद्यार्थियों की तैयारी का आकलन होता है। साथ ही परीक्षा को लेकर उनका डर कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
क्या कहना है शिक्षा अधिकारी का
विद्यार्थियों का नियमित रूप से टेस्ट लिया जा रहा है, ताकि उनका ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहे और उनकी कमजोरियों को समय रहते दूर किया जा सके। इसके साथ ही मिशन सफलता के तहत भी विद्यार्थियों की तैयारी कराई जा रही है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर रखें और जिन बच्चों को पढ़ाई में परेशानी आ रही है, उन पर विशेष ध्यान दें। हमारा प्रयास है कि सभी विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
– अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ)

