New Delhi/Alive News: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 फ्यूल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर लोगों को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का विकल्प मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह मांग नहीं मानी गई तो 4 अगस्त को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला जाएगा।
शनिवार को E20 फ्यूल के मुद्दे पर आयोजित ‘नेशनल टाउन हॉल’ कार्यक्रम में केजरीवाल ने कहा कि 3 अगस्त की दोपहर तक लोगों से याचिकाएं एकत्र की जाएंगी। इसके बाद करीब 100 लोगों का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री आवास तक जाकर विरोध प्रदर्शन करेगा और याचिका सौंपेगा।
केजरीवाल ने कहा कि यदि इथेनॉल वास्तव में पूरी तरह फायदेमंद है तो सरकार उससे जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक करे। उनका आरोप है कि सरकार लोगों पर E20 फ्यूल थोप रही है, जबकि उन्हें अपनी पसंद का ईंधन चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इथेनॉल उत्पादन करने वाले प्लांटों के आसपास भूजल प्रदूषित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने सरकार से उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की, जिसके आधार पर दावा किया गया था कि E20 फ्यूल से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता।
कार्यक्रम में देश के कई राज्यों से लोगों ने हिस्सा लिया और E20 फ्यूल के इस्तेमाल से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने दावा किया कि इस ईंधन के उपयोग से उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हुआ है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ा है और इंजन के कुछ पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं।
भारत में E20 फ्यूल, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है, को लेकर कुछ वाहन मालिकों ने चिंता जताई है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों का कहना है कि इस फ्यूल से उनके वाहनों के प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। वहीं सरकार का उद्देश्य एथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरणीय लाभ हासिल करना है।
AAP ने प्रधानमंत्री के नाम एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की है। पार्टी के अनुसार, इस पर दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस याचिका को प्रधानमंत्री आवास पर सौंपने की तैयारी की जा रही है।

