September 9, 2026

दिल्ली PG हादसे में 6 गिरफ्तार, लीज पर लेकर PG चलाने वाले दो बिजनेस पार्टनर भी पकड़े गए

Delhi Satya Niketan PG building collapse incident and MCD action against dangerous buildings

New Delhi/Alive News: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक PG बिल्डिंग हादसे में पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को पुलिस ने PG चलाने वाले दो बिजनेस पार्टनर्स शुभम त्यागी और सुधांशु को गिरफ्तार किया। दोनों ने अगस्त 2025 में इस इमारत को लीज पर लेकर PG संचालन शुरू किया था।

इससे पहले पुलिस ने इमारत मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को लेबर कॉन्ट्रैक्टर को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया। पुलिस जांच में महेश ने बताया कि शुभम और सुधांशु उनकी इमारत को लीज पर लेकर PG चला रहे थे।

6 सितंबर को सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने आसपास की खतरनाक इमारतों की जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे वाली इमारत के पास स्थित एक खतरनाक भवन को मंगलवार को तोड़ दिया गया। इस इमारत में गर्ल्स PG चल रहा था, जिसे हादसे के बाद खाली करा लिया गया था।

हादसे से पहले छात्राओं ने बनाया था दरारों का वीडियो

हादसे वाली इमारत के पड़ोस में रहने वाली दो दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं ने हादसे से कुछ मिनट पहले अपने कमरे की दीवारों और छत में आई दरारों का वीडियो बनाया था। वीडियो में एक छात्रा कहती सुनाई देती है कि इमारत गिरने जैसी लग रही है। इस वीडियो ने इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कमजोर नींव और कंपन की जांच कर रही पुलिस

पुलिस जांच में सामने आया है कि इमारत के बेसमेंट में पानी भरने और सीलन की समस्या को दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा था। पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन का इस्तेमाल किया गया।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के कारण इमारत गिर गई। FIR में भी कहा गया है कि पुरानी नींव अतिरिक्त मंजिलों का भार सहने लायक नहीं थी, इसके बावजूद निर्माण किया गया।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

सत्य निकेतन PG हादसे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने संकेत दिया है कि वह केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट पहले भी अवैध और असुरक्षित इमारतों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। अब अदालत इन निर्देशों के पालन की स्थिति की समीक्षा कर सकती है।

पूरी दिल्ली में खतरनाक इमारतों की जांच

हादसे के बाद MCD ने सभी जोन के अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में इमारतों की जांच करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। शुरुआती सर्वे में बड़ी संख्या में PG की जांच की गई, जिनमें कई इमारतें खस्ताहाल पाई गईं। इस जांच की जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में भी शामिल की जाएगी। हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को निर्धारित है।

MCD के पांच अधिकारी सस्पेंड

हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी।

सत्य निकेतन के करीब 170 मकानों में चल रहे हैं PG

सत्य निकेतन क्षेत्र में करीब 300 मकान हैं, जिनमें लगभग 170 में PG चल रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस और आसपास के कॉलेजों के कारण इस इलाके में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

शहरी नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की कई पुरानी इमारतें अतिरिक्त मंजिलों का भार उठाने के लिए नहीं बनाई गई थीं। ऐसे में पुराने भवनों में बिना उचित जांच और मंजूरी के निर्माण करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। सत्य निकेतन हादसे के बाद अब दिल्ली में जर्जर, अवैध और खतरनाक इमारतों की पहचान कर कार्रवाई तेज होने की संभावना है।