September 6, 2026

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 2.13 करोड़ रुपये की साइबर ठगी, दो गिरफ्तार

Faridabad/Alive News: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 2.13 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने दो आरोपितों को जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान गौतम (27) और मोहित (25), निवासी लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ठगी की रकम प्राप्त करने वाले बैंक खातों से जुड़े हुए थे।

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, जांच में सामने आया कि गौतम दूसरी लेयर का खाताधारक है। उसके बैंक खाते में ठगी के 65 हजार रुपये आए थे। उसने अपना बैंक खाता मोहित को दिया था, जबकि मोहित ने यह खाता आगे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। गौतम 11वीं पास है और ड्राइविंग का काम करता है। वहीं, मोहित बी.कॉम पास है और एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है।

पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया, जहां से गौतम को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि मोहित को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता की पत्नी के मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में 20 लाख रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। इसके बाद कॉल को कथित मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के पास ट्रांसफर कर दिया गया।

ठगों ने पति-पत्नी को लगातार वीडियो कॉल पर रखा और घर से बाहर जाने या किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क करने से मना कर दिया। हर दो घंटे में वीडियो कॉल के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। ठगों ने खुद को अलग-अलग सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाया।

इसके बाद पीड़ित को ईडी के नाम से फर्जी ‘Arrest Order’ और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी पत्र भेजे गए। इन पत्रों के जरिए पीड़ित को जांच के नाम पर अपने बैंक खातों की पूरी रकम बताए गए खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। ठगों ने 48 से 72 घंटे में रकम वापस करने का झूठा भरोसा भी दिया।

गिरफ्तारी के डर से पीड़ित ने जनवरी 2026 में अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2,13,16,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में रकम वापस लेने के लिए संपर्क किया तो ठगों के मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।