July 8, 2026

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बच्चा चोरी की सुलझी गुत्थी, एक किन्नर गिरफ्तार

New Delhi/Alive News : मुरादनगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के महिला वार्ड से शनिवार को सीआरपीएफ के नवजात पोते को एक किन्नर ने अपने साथी के साथ मिलकर चुरा लिया। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिल्ली-मेरठ हाईवे को जाम कर दिया था।

परिजनों ने बच्चा चोरी में के आरोप में अस्पताल कर्मियों सहित सीएचसी प्रभारी समेत 11 पर केस दर्ज करवाया था। जिसके बाद संबंधित मामले में कार्रवाही करते हुए रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पुलिस ने आरोपी किन्नर और उसके साथी को गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद कर लिया। इससे पहले सीएमओ ने वार्ड की आया और सफाईकर्मी को निलंबित कर एक वार्ड ब्वॉय का ट्रांसफर कर दिया था।

मिली जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ में एसआई के पद पर आसीन पुत्रवधू मीनू को 25 अगस्त को डिलीवरी के लिए मुरादनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। पति संदीप ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मीनू ने बेटे को जन्म दिया था।

इसके बाद महिला को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। वार्ड में मीनू की ननद समेत सात महिलाएं भर्ती थीं। मीनू की ननद को भी ऑपरेशन से बेटा हुआ है। मीनू की सास सावित्री देवी ने बताया कि रात करीब तीन बजे बच्चा उनके पास बेड पर सो रहा था। करीब चार बजे आंख खुली तो वह बिस्तर पर नहीं था। अस्पताल कर्मियों को सूचना देकर बच्चे की तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बच्चा चोरी होने का पता लगने पर काफी संख्या में ग्रामीण सुबह करीब 6 बजे अस्पताल पहुंच गए और बच्चे की बरामदगी की मांग को लेकर हंगामा कर हाईवे पर जाम लगा दिया।

हंगामा बढ़ता देख एसडीएम और एसपी ग्रामीण समेत पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। बच्चे की तलाश में पुलिस की तीन टीमों को लगाया गया। यह टीमें पड़ताल कर एक किन्नर विजय उर्फ राहुल निवासी मुरादनगर और उसके साथी प्रिंस निवासी बदनोली, हापुड़ तक पहुंच गईं। इनके पास से पुलिस ने बच्चा बरामद कर लिया।

मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ में किन्नर ने बताया कि उसकी महिला साथी बच्चा चाहती थी, लेकिन वह उसे बच्चा नहीं दे सकता था। इसके चलते उन्होंने बच्चा चोरी करने की योजना बनाई और रेकी के बाद सरकारी अस्पताल से बच्चा चोरी कर लिया। किन्नर ने बताया कि उन्हें सरकारी अस्पताल से बच्चा चोरी करना आसान लगा। इसलिए प्राइवेट की बजाय सरकारी अस्पताल से बच्चा चोरी करने की वारदात को अंजाम दिया।