New Delhi/Alive News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर पलटवार किया है। चिदंबरम ने कहा, “मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।”
चिदंबरम ने यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए संबोधन के एक दिन बाद दिया। 15 अगस्त को पीएम मोदी ने देश को ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की बात कही थी। उन्होंने लोगों से ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की अपील की थी।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि माओवादी सोच रखने वाले कुछ लोगों ने लंबे समय तक सत्ता और सरकारी व्यवस्था के भीतर प्रभाव बनाए रखा। उन्होंने सरकारी समितियों में सलाहकार के तौर पर काम किया और नीतियों को प्रभावित किया।
पीएम ने नक्सलवाद और माओवादी हिंसा को देश के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इस खतरे को कम करके नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से सतर्क रहने की अपील की।
मोदी ने यह भी कहा कि दशकों तक चले नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने बड़ी संख्या में युवाओं के जीवन और उनके सपनों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष में 3,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान मारे गए।
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के बयान को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को खोखला बताया।
उन्होंने कहा कि पहले जाति जनगणना की मांग को ‘अर्बन नक्सल’ सोच बताकर खारिज किया गया था, लेकिन बाद में सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने की घोषणा कर दी।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार पहले विरोधियों की मांगों को अलग-अलग नाम देकर खारिज करती है और बाद में उन्हीं मांगों को स्वीकार कर लेती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के राजनीतिक भाषणों को लेकर भी सवाल उठाए।

