Faridabad/Alive News: सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और पारंपरिक रीतियों में सुधार लाने के उद्देश्य से रविवार को जिला फरीदाबाद ब्राह्मण सभा द्वारा अनाज मंडी बल्लभगढ़ स्थित ब्राह्मण भवन में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें जिले के गांवों, कॉलोनियों और सेक्टरों से बड़ी संख्या में गणमान्य लोग तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल हुए।
पंचायत का संचालन महेश शर्मा ने किया। सभा को संबोधित करते हुए ब्राह्मण सभा के प्रधान बृजमोहन बाति ने कहा कि समाज में कई परंपराएं समय और परिस्थितियों के अनुसार शुरू हुई थीं, लेकिन वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है या उनमें कई विसंगतियां आ गई हैं। कुछ नई परंपराएं भी समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शादी समारोहों में डीजे के उपयोग पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे विवाद की स्थिति बनती है और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके साथ ही लग्न-सगाई में दहेज के सामान की सूची पढ़ने की परंपरा, सीमित लोगों को चादर देने की रस्म, तथा शादी, भात और छूछक में अनावश्यक खर्च और भीड़ को सीमित करने जैसे प्रस्ताव पारित किए गए।
सभा में यह भी तय किया गया कि शादी व अन्य आयोजनों में “परोसा” देने की परंपरा केवल नजदीकी रिश्तेदारों तक सीमित रहे। इसके अलावा शोक सभाओं से जुड़ी कई कुरीतियों पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया, जिसमें मृतक पर चादर डालने की परंपरा, तेहरवीं से पहले भोजन कराने की प्रथा और टेहले में गैर-धार्मिक कार्यक्रमों को बंद करना शामिल है। पगड़ी रस्म को सरल बनाने और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पंचायत में मौजूद सभी गणमान्य लोगों ने एकमत से इन कुरीतियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का समर्थन किया और इस निर्णय को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुछ अन्य मुद्दों पर सहमति न बनने के कारण उन्हें पड़ोसी जिलों के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर डॉ. रामनारायण भारद्वाज, नीरज शर्मा, संदीप शर्मा, अनिल पाराशर सहित कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

