September 16, 2026

स्कूलों में लगेंगे आधार अपडेट के कैंप, अभिभावकों को नहीं लगाना होगा अतिरिक्त शुल्क

Faridabad/Alive News: स्कूलों में पढ़ने वाले 7 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के आधार अपडेट को लेकर शिक्षा विभाग ने अभियान तेज करने की तैयारी की है। जिन बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) अभी लंबित है, उनकी स्कूल स्तर पर पहचान की जाएगी और जरूरत के अनुसार स्कूल या चिह्नित स्थानों पर विशेष कैंप लगाकर आधार अपडेट कराने की सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि यूआईडीएआई की ओर से 30 सितंबर 2026 तक एमबीयू का शुल्क माफ किया गया है। ऐसे में अभिभावकों को इस अवधि में बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करने को कहा गया है, जिनका एमबीयू लंबित है। इसके बाद संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर स्कूलों में कैंप लगाने की व्यवस्था की जाएगी। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि आधार अपडेट की सुविधा और शुल्क माफी की जानकारी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों तक पहुंचाई जाए। स्कूलों के माध्यम से अभिभावकों को यह भी बताया जाएगा कि उनके बच्चे का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है या नहीं। इससे अभिभावकों को अलग से जानकारी जुटाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और लंबित मामलों को समय रहते पूरा कराया जा सकेगा।

एपीएएआर आईडी बनाने पर फोकस

आधार अपडेट के साथ विद्यार्थियों की एपीएएआर आईडी बनाने का काम भी तेज किया जाएगा। अधिकारियों को ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका आधार बना हुआ है, लेकिन अभी तक एपीएएआर आईडी नहीं बनी है। जिन स्कूलों में एपीएएआर आईडी बनाने की प्रगति कम है, वहां विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।

30 सितंबर तक एमबीयू, 31 अक्तूबर तक एपीएएआर आईडी

यूडीआईएसई+ पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर दोनों अभियानों की जिला स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी। एमबीयू का काम 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि एपीएएआर आईडी बनाने का लक्ष्य 31 अक्तूबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग का फोकस अब स्कूल स्तर पर लंबित मामलों की पहचान कर उन्हें तय समय सीमा में पूरा कराने पर है।