Faridabad/Alive News: ग्रेटर फरीदाबाद स्थित श्रद्धा मंदिर स्कूल में आयोजित चार दिवसीय “यजुर्वेद पारायण यज्ञ” के दौरान दिल्ली आर्य प्रतिदिन सभा के महामंत्री विनय आर्य ने कहा कि मर्यादित जीवन जीने वाला महिला या पुरुष कभी असफल नहीं हो सकता। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मर्यादा में रहकर व्यक्ति समाज में अपनी अच्छी छवि बनाता है और लोगों का प्रिय बनता है।
उन्होंने आगे कहा कि इतिहास और धार्मिक ग्रंथ इस बात के साक्षी हैं कि जब-जब मर्यादा का उल्लंघन हुआ है, तब-तब व्यक्ति और उसके कुल को हानि उठानी पड़ी है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने सभी कार्य मर्यादा में रहकर करने चाहिए।
इससे पूर्व आयोजित यजुर्वेद पारायण यज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने राष्ट्रीय समृद्धि की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मचारी राजेंद्र सिंह ने की।
आर्य समाज के विषय में चर्चा करते हुए डॉ. नरेंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना राष्ट्रभक्ति, पाखंड से मुक्ति और आपसी प्रेम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और आज भी समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गजराज सिंह आर्य ने सभी विद्वानों का स्वागत करते हुए कहा कि आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आर्य समाज की नीतियों से जोड़ना है, ताकि वे देश के इतिहास और बलिदानों से प्रेरणा ले सकें।
इस अवसर पर मूलचंद आर्य, राजकुमार आर्य, श्रीमती राजेश, नंदलाल कालड़ा, विमला ग्रोवर, योगेंद्र फोर, हर्षित, सुधीर बंसल, वसुमित्र सत्यार्थी सहित विभिन्न आर्य समाजों के प्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

