Faridabad/Alive News: साइबर थाना NIT की टीम ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी करने के मामले में एक खाताधारक को बरेली (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया है। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, NIT फरीदाबाद निवासी एक महिला ने शिकायत दी थी कि 16 जून 2025 को उसके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और महिला को जेट एयरवेज मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बताते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद एक अन्य नंबर से वीडियो कॉल आई, जिसमें खुद को पुलिस अधिकारी बताया गया और महिला को “डिजिटल अरेस्ट” में होने की बात कही गई।
ठगों ने महिला से कहा कि केस की पूरी कार्रवाई व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए होगी, जिसमें सीनियर अफसर और जज भी बात करेंगे। उसे किसी को कुछ न बताने और घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई। ठगों ने पहले 6 करोड़ 80 लाख रुपये की बात कही और बाद में केस निपटाने के नाम पर 50 लाख रुपये की मांग की।
डर के कारण महिला ने RTGS के माध्यम से ठगों द्वारा बताए गए खाते में 30 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत के आधार पर साइबर थाना NIT में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान साइबर थाना NIT की टीम ने रियासत खान निवासी गांव परतापुर जीवन सहाय, थाना इज्जत नगर, जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी खाताधारक है और उसने अपना बैंक खाता ठगों को इस्तेमाल के लिए दे रखा था। उसके खाते में ठगी की रकम में से 5 लाख रुपये आए थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी 5वीं पास है और चाय की दुकान चलाता है।

