September 18, 2026

22 वर्षीय रीना की मौत के मामले में सेक्टर-56 थाने में शिकायत

Faridabad/Alive News: बादशाह खान अस्पताल में इलाज के दौरान 22 वर्षीय गर्भवती रीना और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मायके वालों का आरोप है कि गर्भावस्था के दौरान रीना की तबीयत खराब रहने के बावजूद उसे समय पर निजी अस्पताल में नहीं दिखाया गया। उन्होंने सेक्टर-56 थाने में लिखित शिकायत देकर ससुराल पक्ष पर कार्रवाई की मांग की है। वही बीके अस्पताल के स्टाफ पर भी समय पर इलाज नहीं करने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में महिला की मौत का कारण हाई ब्लड प्रेशर बताया गया है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल लाई गई थी रीना

सेक्टर-56 निवासी रीना को बुधवार सुबह करीब नौ बजे  डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल लाया गया था। जिसका बाद उसे अस्पताल के वार्ड में भर्ती किया गया। रीना की सास धर्मवती ने बताया कि देर रात अचानक रीना की तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। उनका आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर करने की बात कही। उस दौरान रीना की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक डॉक्टर का इंतजार किया। उनका कहना है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण रीना और उसके गर्भ में पल रहे नौ महीने के बच्चे की मौत हो गई।

ससुराल पक्ष पर निजी अस्पताल नहीं ले जाने का आरोप

मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि गर्भावस्था के दौरान रीना की तबीयत कई बार खराब हुई थी। इसके बावजूद उसे नियमित रूप से निजी अस्पताल में इलाज के लिए नहीं ले जाया गया। उन्होंने ससुराल वालों को रीना को निजी अस्पताल में दिखाने के लिए कहा था, लेकिन समय रहते उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं दिलाई गई। यदि समय रहते रीना को अच्छे डॉक्टर को दिखाया जाता और उसकी हालत के अनुसार इलाज कराया जाता तो शायद उसकी स्थिति गंभीर नहीं होती। इसी को लेकर मायके पक्ष ने सेक्टर-56 थाने में लिखित रूप में ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दी है।

पहला बच्चा था, परिवार में छाया मातम

रीना के पति अजय ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले दोनों की शादी हुई थी और यह उनका पहला बच्चा था। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिवार वालों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

जांच अधिकारी बोले- बोर्ड से करा रहे पोस्टमॉर्टम
मामले की जांच कर रहे सेक्टर 56 के चौकी इंचार्ज देवदत्त ने बताया कि डॉक्टरों ने अभी तक बताया कि बीपी हाई होने के कारण महिला की मौत हुई है। महिला की मौत के बाद बच्चे की भी पेट में ही मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर महिला को रेफर कर दिया गया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग उसको निजी अस्पताल में लेकर नहीं ले गए, ऐसा लड़की के मायके वालों का आरोप है। साथ दी उनकी शिकायत दर्ज करके कार्यवाही की जा रही है। बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी

सीएमओ और पीएमओ से संपर्क का प्रयास

इस मामले में अस्पताल का पक्ष जानने के लिए जब सीएमओ और पीएमओ से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन काट दिया। उनकी ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।