November 4, 2026

स्कूलों में बच्चों को सिखाया जाएगा कचरा छांटने का तरीका, चार रंग के डस्टबिन होंगे अनिवार्य

हरियाणा में 1107 निजी स्कूल RTE नियमों के उल्लंघन और दस्तावेज न देने पर ब्लैकलिस्ट किए गए।

Faridabad/Alive News: सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सफाई और कचरा प्रबंधन की आदत भी सिखाई जाएगी। स्कूलों में बच्चे अब हर तरह का कचरा एक ही डस्टबिन में नहीं डाल सकेंगे। इसके लिए परिसर में चार अलग-अलग रंग के डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों को हरे, नीले, लाल और काले रंग के डस्टबिन के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे कचरे को उसकी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग डाल सकें।

नई व्यवस्था के तहत हरे रंग के डस्टबिन में बचा हुआ खाना, फल और सब्जियों के छिलके डाले जाएंगे। नीले डस्टबिन में कागज, प्लास्टिक, कांच और धातु जैसी दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली चीजें रखी जाएंगी। लाल रंग के डस्टबिन में सैनिटरी नैपकिन और डायपर जैसे कचरे को डाला जाएगा। वहीं, काले डस्टबिन में बल्ब, दवाइयां, पेंट और इलेक्ट्रॉनिक कचरा रखा जाएगा।

गतिविधियों से समझाएंगे कचरे का वर्गीकरण

विद्यार्थियों को चारों रंग के डस्टबिन के इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए स्कूलों में अलग-अलग गतिविधियां कराई जाएंगी। इसके तहत पोस्टर बनाए जाएंगे और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा मॉडल और कक्षा गतिविधियों के जरिए बच्चों को समझाया जाएगा कि किस तरह का कचरा किस डस्टबिन में डालना है। इसका उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही सफाई और कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करना है।

जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला ने बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में इस व्यवस्था को लागू करने के साथ विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाएगा। इससे स्कूलों में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और कचरे को इकट्ठा करने तथा उसका सही तरीके से निस्तारण करने में भी आसानी होगी।