Faridabad/Alive News: दिल्ली में नौकरी करने और कारोबार के लिए रोजाना आने-जाने वाले फरीदाबाद के लोगों को अब अपने सफर का तरीका बदलना पड़ेगा। ग्रेप-1 के तहत एक नवंबर से बीएस-4 वाहनों की एंट्री पर रोक के चलते सोमवार से कई लोग अपनी गाड़ी के बजाय मेट्रो, कैब और कार पूलिंग का सहारा लेंगे। किसी ने मेट्रो से ऑफिस जाने की तैयारी की है तो कोई बीएस-6 कार रखने वाले सहकर्मी के साथ सफर करेगा। वहीं, कारोबारियों को सामान लाने के लिए दूसरे वाहनों का इंतजाम करना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि इससे सफर में लगने वाला समय और रोजाना का खर्च दोनों बढ़ सकते हैं।
परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद में बीएस-4 श्रेणी के 25 हजार से अधिक व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें ज्यादातर ट्रक और छोटे व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में टैक्सियां भी हैं। निजी वाहनों का स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनुमान के मुताबिक इनकी संख्या करीब 75 हजार है। इस तरह जिले में बीएस-4 श्रेणी के वाहनों की कुल संख्या करीब एक लाख बताई जा रही है।
किसी ने चुनी मेट्रो तो कोई करेगा कार पूलिंग
दिल्ली में नौकरी करने वाले सौरभ के पास बीएस-4 श्रेणी की कार है। प्रतिबंध के चलते अब उन्हें अपनी कार घर पर खड़ी रखनी होगी। उन्होंने ऑफिस जाने के लिए मेट्रो का विकल्प चुना है। हालांकि, घर से मेट्रो स्टेशन और फिर स्टेशन से ऑफिस पहुंचने के लिए उन्हें कई बार मेट्रो बदलनी पड़ेगी। इससे उनके रोजाना के सफर में अधिक समय लगेगा।
वहीं, सुनीता के पास बीएस-6 श्रेणी की कार है। उनके कुछ दोस्तों के पास बीएस-4 वाहन हैं और सभी एक ही जगह काम करते हैं। ऐसे में अब वह अपनी कार से दोस्तों को भी ऑफिस लेकर जाएंगी।

