Faridabad/Alive News: महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में पुलिस की समझ बढ़ाने के लिए फरीदाबाद के धौज, सिटी बल्लभगढ़ और भूपानी थानों में विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें पुलिसकर्मियों को POSH एक्ट 2013, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और जांच से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त कार्यालय के निर्देश और डीसीपी मुख्यालय के आदेश पर जिले के सभी थानों में POSH जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आयोजित कार्यशालाओं में एडवोकेट काम्या ने मुख्य वक्ता के रूप में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया।
महिला शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशीलता बरतने पर जोर
एडवोकेट काम्या ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम, 2013 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने यौन उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और जांच पूरी करने की समय-सीमा के बारे में बताया।
उन्होंने विशाखा दिशा-निर्देशों से लेकर POSH एक्ट लागू होने तक के सफर, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और महिला शिकायतकर्ताओं के मामलों में पुलिस की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के महत्व को समझाया।
महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने लिया हिस्सा
तीनों थानों में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में संबंधित थाना प्रभारियों सहित महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण में मिली जानकारी को अपने दैनिक कामकाज में लागू करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस के अनुसार, POSH जागरूकता अभियान जिले के सभी थानों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है, ताकि पुलिसकर्मियों को महिला सुरक्षा और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों की बेहतर जानकारी मिल सके।

