October 15, 2026

नेहा बोरा के बोलते ही CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, दीपके बोले- तिरंगा फहराना अपराध बना दिया; प्रशांत भूषण ने सरकार पर साधा निशाना

दिल्ली में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, प्रशांत भूषण और प्रकाश राज की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस।

New Delhi/Alive News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने गुरुवार को दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। नेहा बोरा के बोलने से पहले ही कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे वहां हंगामा हो गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल हुए। नेताओं ने SIR, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में तिरंगा फहराने को भी अपराध जैसा बना दिया गया है। दीपके ने कहा कि देश गांधी के विचारों और डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के अनुसार चलना चाहिए।

नेहा बोरा ने कहा कि हिरासत में लेने और मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। उनके मुताबिक, यह लड़ाई किसी एक पार्टी, व्यक्ति या झंडे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी है। उन्होंने कहा कि आम और गरीब परिवारों के बीच भी इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।

प्रशांत भूषण बोले- बर्बरता जारी रही तो सरकार बदलनी होगी

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि अगर सरकार की कथित बर्बरता जारी रही, तो उसे बदलने की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ विरोध करना कोई अपराध नहीं है और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई सिविल सोसायटी तथा युवाओं के नेतृत्व में लड़ी जाएगी।

प्रशांत भूषण ने SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने दावा किया कि नामों को हटाने और जोड़ने के फैसलों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नियंत्रण है। ये आरोप विपक्षी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

प्रकाश राज बोले- हर जिले और गांव को जंतर-मंतर बनाएंगे

अभिनेता प्रकाश राज ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने की कोशिशों से विरोध खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने की कोशिश की, लेकिन अब वे देश के हर जिले और गांव में आंदोलन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

प्रकाश राज ने ज्ञानेश कुमार को लेकर भी बयान दिया और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

16 अक्टूबर के प्रदर्शन पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार

CJP ने SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन को रोकने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।

कनॉट प्लेस के एक दुकानदार ने याचिका में आशंका जताई कि प्रदर्शन से इलाके के कारोबार पर असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है और सप्ताहांत में प्रदर्शन होने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अदालत ने पुलिस का आश्वासन रिकॉर्ड पर लिया और प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।

व्यापारियों ने जताई कारोबार प्रभावित होने की आशंका

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ को अनुमति नहीं देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में चिंता है।

CTI ने दावा किया था कि 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से कारोबार को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, यह व्यापारिक संगठन की ओर से किया गया दावा है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार विरोध प्रदर्शनों से बाजार की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

23 अक्टूबर से ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान का ऐलान

प्रशांत भूषण ने कहा कि CJP और अन्य संगठन 23 अक्टूबर से ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं और इससे मतदाता सूची से लोगों के नाम हटने का खतरा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि दूसरे स्थानों पर जा चुके लोगों के लिए फॉर्म भरना मुश्किल हो सकता है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित दावों पर आधिकारिक तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

प्रकाश राज ने उडुपी में आदिवासियों के नाम कटने का दावा किया

प्रकाश राज ने दावा किया कि कर्नाटक के उडुपी में हजारों आदिवासी लोगों को SIR प्रक्रिया के दौरान मृत दिखाया गया। उन्होंने कहा कि कई लोगों को यह जानकारी नहीं थी कि मतदाता सूची में उनका नाम क्यों हटाया गया और उसे दोबारा कैसे जुड़वाया जा सकता है।

उन्होंने इस मामले में लोगों की आवाज उठाने की बात कही। हालांकि, उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

BJP ने राहुल गांधी और नेहा बोरा पर लगाए आरोप

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी विचारधारा बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित है और वे भारत में भी वैसा ही आंदोलन चाहते हैं। भंडारी ने अपने दावे के समर्थन में राहुल गांधी और नेहा बोरा के एक वीडियो का हवाला दिया।

CJP के दो प्रवक्ता न्यायिक हिरासत में

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की विशेष अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।

इससे पहले 11 अक्टूबर को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा किया गया था। बाद की कार्रवाई में आशुतोष और सौरव को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर सामने आई।

केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बाद CJP ने SIR पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अब संगठन ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।