Faridabad/Alive News: जिले में ड्रग्स स्मगलिंग के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 12 करोड़ की कोकीन बरामद की है। इस कार्रवाई में तीन विदेशी नागरिक भी गिरफ्तार किए गए हैं। कोकीन की यह खेप लकड़पुर में मकान की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ लगी। पुलिस ने मौके से 50 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
एक-दो ग्राम के पैकेट बनाकर करते थे सप्लाई
एनसीआर की अलग-अलग जगहों पर ड्रग सप्लाई करने वाले तीन नाइजीरियन को पुलिस और नारकोटिक्स ब्यूरो टीम ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया। तीनों आरोपित एक और दो ग्राम के पैकेट बनाकर कोकेन और अन्य ड्रग को अलग-अलग जगहों पर बेचते थे। पुलिस को कार्रवाई के दौरान करीब 15 करोड़ की ड्रग बरामद हुई। बरामदगी वाले ड्रग में 2.337 ग्राम कोकेन, 26 ग्राम एम्फ़ैटेमिन और 1.578 ग्राम अन्य वाइट पाउडर है।
नाइजीरिया वासी हैं तीनों ड्रग स्मगलर
आरोपित इफेअनबी इमैनुएल, रेमी और अनुदुन इमैनुएल नाइजीरिया के रहने वाले हैं। तीन साल से लक्कड़पुर में किराए पर कमरा लेकर रहते थे। तीनाें आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। आरोपितों को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ करेगी। ताकि इनके नेटवर्क का पता लग सके। इसके साथ ही यह कहां कहां पर अपना माल सप्लाई करते थे। ड्रग को कहां से लेकर आते थे।
संयुक्त टीम ने की छापेमारी
सूरजकुंड थाना पुलिस को सूचना मिली कि सूरजकुंड रोड स्थित लक्कड़पुर के मकान नंबर 162 के दूसरे फ्लोर पर अफ्रीकी मूल के कुछ लोग ड्रग सप्लाई करते है। पुलिस ने मामले की जानकारी नारकोटिक्स जोनल यूनिट के साथ सांझा की। इसके साथ संयुक्त टीम बनाकर दबिश दी। मकान अंदर से बंद था। उसमें तेज संगीत बज रहा था।
एक किलो कोकेन की कीमत पांच करोड़
एनसीबी और पुलिस की टीम कमरे में दाखिल हुई तो उन्होंने देखा कि भारी मात्रा में ड्रग रखा हुआ है। उसके एक-दो ग्राम के पैकेट भी बने हुए थे। जिनको अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जाना था। इसके साथ ही एक तराजू भी रखा हुआ था। एनसीबी की टीम ने जब बरामद की गई ड्रग की जांच की तो वह कोकेन और एम्फैटेमिन पाया गया। पुलिस के अनुसार बाजार में एक किलो कोकेन की कीमत पांच करोड़ रुपये है।
2018 में भारत आए थे तीनाें आरोपित
एसीपी अमन यादव ने बताया कि तीनों आरोपित 2018 में भारत आए थे। इसके बाद वह अलग-अलग जगहों पर घूमते रहे। जांच में सामने आया कि वह तीन साल पहले ही फरीदाबाद आए थे। यहां पर एक दो ग्राम के पैकेट बनाकर एनसीआर में अलग-अलग जगहों पर सप्लाई कर रहे थे।
नहीं मिला कोई वैध दस्तावेज
आरोपितों के पास अब भारत में रहने का कोई वैध दस्तावेज भी नहीं है। तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। ताकि उनके नेटवर्क को पकड़ा जा सके। इसके साथ ही यह भी जानकारी मिल सके कि कितना ड्रग बाजार में खपाया जा चुका है।

