Faridabad/Alive News: सीने में दर्द या दिल की धड़कन में गड़बड़ी की शिकायत होने पर अब ग्रामीण मरीजों को ईसीजी कराने के लिए बीके अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली ईसीजी की सुविधा शुरू की है। इन केंद्रों पर ईसीजी जांच होने के बाद रिपोर्ट सीधे हृदय रोग विशेषज्ञों को भेजी जाएगी। विशेषज्ञों की राय के आधार पर मरीज को आगे के उपचार की सलाह स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर ही मिल सकेगी।
टेली ईसीजी के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर टैब आधारित मशीन लगाई गई है। मरीज की ईसीजी जांच करने के बाद उसकी डिजिटल इमेज और जरूरी डेटा देहरादून स्थित एआई कमांड सेंटर भेजा जाता है। यहां हृदय रोग विशेषज्ञ ईसीजी की जांच कर रिपोर्ट तैयार करते हैं। इसके बाद रिपोर्ट ऑनलाइन संबंधित स्वास्थ्य केंद्र को भेज दी जाती है। स्थानीय चिकित्सक रिपोर्ट के आधार पर मरीज को उपचार या आगे की जांच के संबंध में सलाह देते हैं।
बड़े अस्पताल तक जाने की जरूरत कम होगी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सबसे अधिक फायदा होगा। पहले हृदय संबंधी परेशानी की आशंका होने पर ईसीजी के लिए मरीजों को बीके अस्पताल या दूसरे बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में जाना पड़ता था। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। कई मामलों में दूरी के कारण जांच कराने में भी देरी हो जाती थी। अब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ईसीजी की सुविधा उपलब्ध होने से शुरुआती स्तर पर ही हृदय संबंधी समस्या की पहचान की जा सकेगी।
टेली ईसीजी में मरीज की जांच रिपोर्ट डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती है। जरूरत पड़ने पर मरीज के मोबाइल नंबर पर भी रिपोर्ट भेजी जा सकती है। इससे मरीज अपनी रिपोर्ट को सुरक्षित रख सकता है और आवश्यकता पड़ने पर किसी दूसरे डॉक्टर को भी दिखा सकता है।
इन 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधा
टेली ईसीजी की सुविधा बीके अस्पताल की इमरजेंसी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौराली, तिगांव, खेड़ीकलां और पाली में शुरू की गई है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छांयसा, दयालपुर, धौज, मोहना, पल्ला और अनंगपुर में भी सुविधा उपलब्ध है। एफआरयू-1 सेक्टर-30, एफआरयू-2 सेक्टर-3 और सामान्य अस्पताल बल्लभगढ़ में भी मरीजों की टेली ईसीजी की जा रही है।
क्या कहना है अधिकारी का
फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से टेली ईसीजी शुरू की गई है। इससे ईसीजी के लिए बीके अस्पताल पर निर्भरता कम होगी। जांच की रिपोर्ट विशेषज्ञ हृदय रोग विशेषज्ञ तैयार करते हैं और मरीज का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहता है।
— डॉ. मनोज बजाज, सहायक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी

