Faridabad/Alive News: पानी का बिल भरने के नाम पर मोबाइल फोन में APK फाइल भेजकर एक स्कूल के बैंक खाते से 15.34 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। मामले में एक आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि दो आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित निवासी गांव अलीपुर, जिला सीतापुर, उत्तर प्रदेश, अंकुल निवासी गांव रजवापुर अहिरान, जिला लखीमपुर खीरी और सचिन कुमार रामस्नेह निवासी गांव बन बहोल, जिला लखीमपुर खीरी के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, दिसंबर 2025 में स्कूल के बैंक खाते से साइबर ठगी कर 15,34,699 रुपये निकाल लिए गए थे। बैंक खाते में स्कूल के अकाउंटेंट रघुवीर का मोबाइल नंबर दर्ज था। 9 दिसंबर 2025 को अकाउंटेंट ने स्कूल प्रबंधन को बताया कि उसके मोबाइल पर बैंक लेन-देन से जुड़े लगातार OTP और पैसे कटने के मैसेज आ रहे हैं।
इसके बाद बैंक खाते की जांच की गई तो पता चला कि खाते से लगातार ट्रांजेक्शन कर कुल 15,34,699 रुपये निकाल लिए गए थे। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने पानी का बिल भरने के नाम पर मोबाइल पर APK फाइल भेजी थी। इसी फाइल के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अंकुल ने अपने CSC सेंटर के वॉलेट खाते को अपने दोस्त सचिन की मदद से आगे ठगों को उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार, इस वॉलेट खाते में ठगी की रकम में से 2 लाख रुपये आए थे। अंकुल और सचिन पड़ोसी गांव के रहने वाले हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अमित के वॉलेट खाते का इस्तेमाल भी ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था। पुलिस के मुताबिक, अमित के खाते में भी ठगी के 2 लाख रुपये आए थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने अंकुल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि सचिन और अमित को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस मामले में ठगी की रकम और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

