Faridabad/Alive News: सेक्टर-37 स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व भव्य और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस दौरान करीब 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। इस वर्ष का आयोजन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि इस्कॉन अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है।
सुबह मंगल आरती से शुरू हुए कार्यक्रम
जन्माष्टमी समारोह की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से हुई। इसके बाद सुबह 8 बजे दर्शन आरती हुई। पूरे दिन मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा। रात 11:30 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य अवसर पर विशेष अभिषेक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के विग्रहों की फूल बंगला सजावट की गई। आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और शानदार लाइटिंग से मंदिर परिसर का वातावरण बेहद मनमोहक नजर आया।
श्रद्धालुओं के लिए किए गए व्यापक इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। पार्किंग से मंदिर तक शटल सेवा, एयर-कंडीशंड हॉल, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यापक व्यवस्था रही।
वर्चुअल रियलिटी शो रहा आकर्षण
इस बार समारोह में वर्चुअल रियलिटी शो भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। अत्याधुनिक तकनीक के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं ने इस माध्यम से कृष्ण की लीलाओं का अनूठा अनुभव लिया।
मंदिर अध्यक्ष गोपीश्वर दास ने कहा कि इस वर्ष की जन्माष्टमी इस्कॉन के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि संस्था अपनी 60वीं वर्षगांठ मना रही है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके संदेश और शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना भगवान श्रीकृष्ण के प्रति लोगों की आस्था और भक्ति को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं का आभार जताया।

