September 3, 2026

भारी विरोध के बाद बदला रुख, सोतई के नाराज किसानों को मनाने की तैयारी में प्रशासन

Faridabad/Alive News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण चल रहा है। इसकी राह में सोतई गांव के किसान रोड़ा बने हुए हैं। इन्होंने अभी अपनी जमीन पर कब्जा नहीं किया है। पुलिस द्वारा कई बार सख्ती की जा चुकी है।

अब यह मामला विधानसभा में पृथला के विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने उठाया है। अब अधिकारी संघर्ष का रास्ता छोड़ कर मान-मनोबल पर करने पर उतर आए हैं। अधिकारी जल्द किसानों से बातचीत करने जाएंगे।

प्रशासन को यह चिंता सता रही है कि यदि किसानों के साथ पुलिस की मदद से जबरन भूमि पर कब्जा लेने की कार्रवाई की तो बात बिगड़ सकती है। क्योंकि राजनीतिक फायदा उठाने के लिए विपक्षी दल धरने को हवा दे सकते हैं

32 किलोमीटर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

सेक्टर-65 से लेकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई 32 किलोमीटर है। यह 23 किलोमीटर हरियाणा और नौ किलोमीटर उत्तर प्रदेश की सीमा में बनाया जा रहा है। सोतई गांव को फिलहाल नगर निगम में शामिल किया जा चुका है। यहां पर जाट पट्टी शामलात भूमि है। इस भूमि पर किसानों का ही कब्जा है। वह भूमि बंदोबस्त के समय से खेती करते आ रहे हैं।ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर जाट पट्टी शामलात भूमि से एनएचएआइ को भूमि लेनी है। इस भूमि का कब्जा लेने को लेकर जिला भूमि अर्जन अधिकारी ने किसानों को मुआवजा देने की बजाय कोर्ट में जमा करा दिया। इतना नहीं भूमि अर्जन अधिकारी ने नगर निगम को भी पत्र लिख दिया कि यदि यह भूमि उनकी है तो वह कोर्ट से मुआवजा ले सकता है।

अभी तक कोर्ट में नहीं हुआ फैसला

सोतई गांव के किसानों और नगर निगम के बीच भूमि विवाद के मामले में अभी तक कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया है। प्रशासन अब यहां पर किसानों से भूमि पर पुलिस की मदद से कब्जा लेना चाहता है। प्रशासन ने कब्जा लेने के लिए
पिछले दिनों मौके पर ग्रामीणों और महिलाओं पर पुलिस से हल्का लाठी चार्ज कराया था। इस दौरान पुलिस ने महिलाओं के साथ भी अभद्रता की थी।

प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर किसानों ने मौके पर धरना शुरू कर दिया। 12 गांवों के किसानों की पंचायत भी हो चुकी है। पंचायत में पृथला के विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया भी शामिल