Noida/Alive News: जाएगा। इस डिपो में 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, पार्किंग और चार्जिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का प्लानिंग विभाग उपयुक्त भूमि की तलाश में जुटा है।
फिलहाल 100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित
वर्तमान में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। इनमें नोएडा प्राधिकरण की 50 बसों का संचालन कर रहा है, जबकि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पास 25-25 बसें हैं।
चार्जिंग सुविधा की कमी से हो रही परेशानी
ग्रेटर नोएडा की इलेक्ट्रिक बसों को फिलहाल चार्जिंग के लिए गाजियाबाद के मोहन नगर पर निर्भर रहना पड़ता है। बसें रोज सुबह वहीं से चार्ज होकर सेवा में आती हैं। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और परिचालन को आसान बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है।
डिपो में चार्जिंग और पार्किंग दोनों की व्यवस्था
प्रस्तावित ईकोटेक-12 बस डिपो में बसों की पार्किंग के साथ आधुनिक चार्जिंग सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे बसों के संचालन में आसानी होगी और चार्जिंग के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होगी।
15 दिन में लगेंगे 12 नए EV चार्जिंग स्टेशन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अगले 15 दिनों के भीतर ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट में 12 अतिरिक्त ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगा। इनमें कासना बस डिपो में 5, सिटी पार्क के पास 2 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 5 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
फिलहाल शहर में सिटी पार्क, एक्सपो मार्ट नॉलेज पार्क और तिलपता क्षेत्र में एनपीसीएल के चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं।
एयरपोर्ट रूट पर कम मिले यात्री
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि फिलहाल ग्रेटर नोएडा से संचालित चारों बस रूट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जा रहे हैं। पिछले 10 दिनों के संचालन के दौरान एयरपोर्ट रूट पर अपेक्षाकृत कम यात्री मिले हैं।
इसी वजह से अब सर्वे के आधार पर नए रूट तय किए जाएंगे। प्राधिकरण की योजना मोहन नगर, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कनावनी, दादरी और अधिक आबादी वाले सेक्टरों को ई-बस सेवा से जोड़ने की है। संशोधित रूट और समय-सारिणी अगले एक-दो दिनों में जारी की जा सकती है।
हर 15 से 30 मिनट में मिलेगी बस सेवा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रविकुमार ने बताया कि यूपीएसआरटीसी के मानकों के अनुसार बसों का संचालन सुबह साढ़े चार बजे से शुरू हो जाता है और यात्रियों को हर 15 से 30 मिनट के अंतराल पर सेवा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि ई-बसों की पहुंच बढ़ाने के लिए नए रूट और चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है।

