Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में लंबे समय से अपने प्लॉट का इंतजार कर रहे दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली से सटी इस कॉलोनी का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में जमीन के रिकॉर्ड के साथ-साथ मौके पर मौजूद सड़क, सीवर, पेयजल लाइन और जलभराव की स्थिति की भी जांच होगी।
दुर्गा बिल्डर कॉलोनी से जुड़ा मामला वर्ष 2013 से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ओखला एनक्लेव प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान कॉलोनी की मौजूदा स्थिति का नए सिरे से आकलन करने का रास्ता साफ हुआ है।
234.674 एकड़ जमीन का होगा सर्वे
विभागीय जानकारी के अनुसार, लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी का कुल क्षेत्रफल 234.674 एकड़ है। इसे दो चरणों में बांटा गया है। फेज-1 करीब 126.725 एकड़ और फेज-2 करीब 107.95 एकड़ में फैला हुआ है।
सर्वे के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि कॉलोनी में वास्तव में कितनी सड़कें बनी हैं और किन हिस्सों में सीवर व पेयजल की लाइनें मौजूद हैं। इसके अलावा जलभराव और अपशिष्ट जल से प्रभावित क्षेत्रों की भी पहचान की जाएगी। सर्वे का काम निजी एजेंसी की मदद से कराया जाएगा।
अतिक्रमण की भी होगी पहचान
सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को कॉलोनी का लेआउट प्लान दोबारा तैयार करने, मौके से अतिक्रमण हटाने और पात्र प्लॉटधारकों को राहत देने से जुड़े निर्देश दिए हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कॉलोनी की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
रिपोर्ट तैयार होने के बाद लेआउट प्लान में जरूरी बदलाव और अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाने की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। इससे लंबे समय से अपने प्लॉट का इंतजार कर रहे लोगों को आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
कई जिलों के लोगों का पैसा फंसा
दुर्गा बिल्डर कॉलोनी में फरीदाबाद के अलावा आसपास के कई जिलों के लोगों ने भी प्लॉट खरीदे हैं। लंबे समय से प्लॉट नहीं मिलने के कारण खरीदारों का पैसा फंसा हुआ है। कई प्लॉटधारक वर्षों से इस मामले के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट यजन चौधरी के अनुसार, मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अदालत के आदेश के तहत कॉलोनी का सर्वे कराया जाना है। सर्वे पूरा होने के बाद मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

