Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ ग्रेटर फरीदाबाद की सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की। बैठक में नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, उपायुक्त आयुष सिन्हा, एचएसवीपी, एफएमडीए, डीटीपी, डीएचबीवीएन और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सेक्टर-37 सहित कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर पंप ऑपरेटरों के पुनर्विन्यास से जलापूर्ति प्रभावित हुई है। मंत्री ने नियमित निगरानी और पानी की समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों में सेक्टर-37, 73, 75, 76, 81, 84 और 85 सहित कई क्षेत्रों की टूटी सड़कों, गड्ढों और जलभराव की शिकायतों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर मरम्मत की समयसीमा तय करने को कहा गया।
लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों, पार्कों, स्ट्रीट लाइट, सफाई और जल निकासी जैसी सुविधाओं की स्थिति का संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। टिगांव क्षेत्र की सड़कों, स्ट्रीट लाइट और जलभराव की अलग से समीक्षा करने को भी कहा गया।
बैठक में कई आवासीय सोसाइटियों में कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क और बिजली कनेक्शन काटने की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक केंद्रों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने तथा डेवलपर्स द्वारा तय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
सीवरेज और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सभी लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की कार्यशीलता और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की संयुक्त जांच कराने का फैसला लिया गया। साथ ही अवैध रूप से सीवरेज या अपशिष्ट जल को नालों और खुले क्षेत्रों में छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सीवरेज टैंकरों का पंजीकरण और जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत फरीदाबाद नगर निगम को करीब 3600 करोड़ रुपये जल संरचना परियोजनाओं के लिए मिलेंगे। इस राशि का उपयोग पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, एसटीपी, जल निकासी व्यवस्था और जोहड़ों के पुनर्जीवन जैसे कार्यों में किया जाएगा।
इसके अलावा ग्रेटर फरीदाबाद में पार्कों, सामुदायिक सुविधाओं और डेवलपर्स की जिम्मेदारियों की निगरानी के लिए एफएमडीए, डीटीपी और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। यह समिति नियमित निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।

