July 30, 2026

पार्षद बनाम अधिकारी विवाद से फरीदाबाद में हड़कंप, पानी की सप्लाई प्रभावित होने के आसार

फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी और पार्षद समर्थक।

Faridabad/Alive News: नगर निगम के एक कार्यकारी अभियंता और पार्षद के बीच चल रहे विवाद का असर अब आम लोगों पर पड़ने लगा है। निगम के तीनों जोन में कामकाज प्रभावित होने से लोग अपने जरूरी काम नहीं करा सके और कई नागरिकों को बिना काम के वापस लौटना पड़ा।

गुरुवार को नगर निगम के कार्यकारी अभियंता कर्मचारी यूनियन के साथ मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारी यूनियन ने पार्षद दीपक यादव की गिरफ्तारी की मांग की। दूसरी ओर, पार्षद के परिवार और समर्थकों ने भी प्रदर्शन किया तथा बल्लभगढ़ सचिवालय पहुंचकर पुलिस की ओर से जारी नोटिस का जवाब दिया। पार्षद का कहना है कि उन्होंने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है।

इंजीनियरिंग शाखा ने चेतावनी दी है कि यदि विवाद का समाधान नहीं हुआ तो शुक्रवार से शहर के ट्यूबवेल, बूस्टर और डिस्पोजल सेवाएं बंद की जा सकती हैं, जिससे पेयजल और सीवर व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

गौरतलब है कि मंगलवार को पार्षद दीपक यादव ने बल्लभगढ़ नगर निगम कार्यालय पर ताला लगा दिया था। उनका आरोप है कि कार्यकारी अभियंता उनके वार्ड के विकास कार्यों को जानबूझकर रोक रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रमुख सड़क का वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं किया गया, जबकि उस सड़क से कई स्कूल और एक कॉलेज जुड़े हुए हैं।

वहीं कार्यकारी अभियंता का कहना है कि मानसून के कारण सड़क निर्माण कार्य फिलहाल रोका गया है और मौसम सामान्य होने के बाद काम शुरू किया जाएगा।

ट्यूबवेल बंद हुए तो बढ़ सकती है परेशानी

नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 1,690 ट्यूबवेल और लगभग 300 डिस्पोजल हैं। शहर की करीब 60 प्रतिशत आबादी पेयजल के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर है, क्योंकि कई क्षेत्रों तक रेनीवेल का पानी नहीं पहुंचता। यदि ट्यूबवेल और डिस्पोजल सेवाएं बंद होती हैं तो लोगों को पानी की किल्लत और सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं और आम नागरिकों को जल्द समाधान का इंतजार है।