July 28, 2026

सेक्टर-7/8 स्कूल में पॉक्सो जागरूकता शिविर

फरीदाबाद के सेक्टर-7/8 विद्यालय में पॉक्सो अधिनियम पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित करते सीजेएम जितेंद्र सिंह।

Faridabad/Alive News: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के चेयरमैन संदीप कुमार गर्ग के मार्गदर्शन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-7/8, फरीदाबाद में “बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012” विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में विद्यालय के प्राचार्य, लीगल लिटरेसी इंचार्ज, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।

सीजेएम जितेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के उद्देश्य, इसके प्रमुख प्रावधानों, अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और बच्चों को कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की नजर में बच्चा है और किसी भी प्रकार के यौन अपराध की जानकारी मिलने पर बिना डर के पुलिस, अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना देनी चाहिए।

इस अवसर पर मुख्य रक्षा अधिवक्ता रविन्द्र गुप्ता ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत किसी भी बच्चे के साथ हुए यौन अपराध की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देना हर नागरिक का कानूनी दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता, सपोर्ट पर्सन और मॉडल स्कीम फॉर लीगल एड टू चाइल्ड विक्टिम्स के बारे में भी जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान सीजेएम जितेंद्र सिंह ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विशाल पौधारोपण अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधा भी लगाया। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने बाल सुरक्षा और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े कई प्रश्न पूछे। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्राचार्य केशव शुक्ला और लीगल लिटरेसी इंचार्ज बांके बिहारी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने के साथ-साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मविश्वासी बनाते हैं।