Prabhjot Kaur/ Alive News
Noida:आगरा से नोएडा आने वाली अटल सेवा की एसी ई-बसों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेहतर सुविधाओं और यात्रियों की बढ़ती पसंद के कारण मोरना डिपो से संचालित रोडवेज बसों में सवारियां कम हो रही हैं। इससे परिवहन विभाग के राजस्व पर असर पड़ रहा है और रोडवेज बसों को यात्रियों के इंतजार में अधिक समय तक खड़ा रहना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आगरा से आने वाली अटल सेवा की ई-बसें मोरना डिपो में चार्जिंग के बाद दोबारा यात्रियों को लेकर रवाना होती हैं। पहले आगरा रूट की रोडवेज बसें मोरना डिपो से ही भरकर निकलती थीं, लेकिन अब ई-बसों में अधिक सवारियां होने के कारण रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है। इससे परिवहन विभाग को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
ई-बस के एक संचालक ने बताया कि बस आगरा से यात्रियों को लेकर मोरना डिपो पहुंचती है। आगरा से मोरना तक ई-बस का किराया 506 रुपये है। प्रतिदिन एक तरफ करीब 30 यात्री सफर करते हैं और वापसी में भी लगभग इतनी ही सवारियां मिल जाती हैं। उन्होंने बताया कि इन बसों में पुरुषों की तुलना में महिला यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। गर्मी के मौसम में एसी सुविधा होने के कारण अधिकांश यात्री ई-बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वहीं, नोएडा के सेक्टर-90 से परिचौक और जेवर तक संचालित ई-बस का किराया 50 रुपये है, जिसे यात्री सुविधाजनक और किफायती मान रहे हैं। साथ ही इन रूट पर चलने वाली ई बसों में भी भीड़ देखने को मिल रही है।
रोडवेज का किराया
मोरना से आगरा तक रोडवेज बस का किराया 343 रुपये है। वहीं परिचौक तक 39 रुपये और जेवर तक 94 रुपये किराया निर्धारित है। परिवहन विभाग का कहना है कि ई-बसों की बढ़ती लोकप्रियता का सीधा असर रोडवेज बसों की सवारियों और आय पर पड़ रहा है।

