Faridabad/Alive News: फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया, फरीदाबाद के साथ आज थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित तीन नए बच्चों का पंजीकरण हुआ। इनमें दो बच्चे जुड़वां (ट्विन्स) हैं। इन बच्चों के संस्था से जुड़ने के साथ ही उनके इलाज और नियमित रक्त उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
संस्था के अनुसार इन बच्चों के ब्लड ग्रुप ऐसे हैं, जिनके लिए जरूरत पड़ने पर रक्त की व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो सकता है। एक बच्चे का ब्लड ग्रुप O नेगेटिव है, जबकि दो बच्चों का ब्लड ग्रुप AB है।
थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों को जीवनभर हर 15 से 20 दिन में रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। समय पर सुरक्षित रक्त नहीं मिलने पर उनकी जान को खतरा हो सकता है। साथ ही असुरक्षित रक्त चढ़ाने से हेपेटाइटिस और HIV जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
संस्था का कहना है कि इन मामलों को रोका जा सकता था। यदि बच्चों के माता-पिता का विवाह से पहले या गर्भावस्था के दौरान थैलेसीमिया कैरियर टेस्ट कराया जाता, तो ऐसे मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता था।
फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया कई वर्षों से सरकार से मांग कर रहा है कि थैलेसीमिया कैरियर जांच को अनिवार्य किया जाए। संस्था का कहना है कि प्रभावी नीतियों की कमी के कारण हर साल हजारों बच्चे इस गंभीर बीमारी के साथ जन्म ले रहे हैं।
संस्था ने सरकार से अपील की है कि थैलेसीमिया रोकथाम को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया जाए, सभी गर्भवती महिलाओं और दंपत्तियों के लिए कैरियर टेस्ट अनिवार्य किया जाए तथा मरीजों के लिए रक्त और आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संस्था का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों की संख्या और बढ़ सकती है।

