Ghaziabad/Alive News: गाजियाबाद में हिंडन नदी के किनारे और फ्लडप्लेन क्षेत्र में बनी 258 अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन जल्द बड़ा अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपी गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इन कॉलोनियों से निकलने वाला सीवेज और गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे हिंडन नदी गंभीर रूप से प्रदूषित हो रही है।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों को नदी किनारे हुए अवैध कब्जों को हटाने और नदी की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राजस्व, सिंचाई विभाग, जीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीमें कार्रवाई करेंगी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन 258 कॉलोनियों में करीब 3.8 लाख से अधिक लोग रहते हैं। वहीं हिंडन-यमुना बेसिन क्षेत्र में 51 बड़े नाले रोजाना 1067 एमएलडी गंदा पानी और औद्योगिक कचरा नदियों में छोड़ रहे हैं।
प्रशासन ने करहेड़ा, अटौर-नगला और कनावनी समेत कई इलाकों को अतिक्रमण के प्रमुख केंद्र के रूप में चिन्हित किया है। नदी के फ्लडप्लेन का सीमांकन किया जा रहा है, जिसके बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू होगी।
अधिकारियों का कहना है कि मानसून से पहले नदी का प्राकृतिक प्रवाह बहाल करना जरूरी है। यदि अवैध कब्जे नहीं हटाए गए तो बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है और आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी भर सकता है।
प्रशासन पुराने नक्शों, राजस्व रिकॉर्ड और जमीनी सर्वे के आधार पर अवैध निर्माणों की पहचान कर रहा है, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की कानूनी बाधा न आए।

