फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का तीसरा चरण शुरू किया जा रहा है। उन्होंने निष्पक्षता के लिए राजनीतिक दलों से बीएलए नियुक्त करने की अपील की है।
Faridabad/Alive News : उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तीसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस चरण में देश के 16 राज्यों एवं 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा यह कार्यक्रम जनगणना की ‘हाउस लिस्टिंग’ प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि दोनों कार्यों के दौरान फील्ड मशीनरी का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी जरूरी: डीसी
डीसी आयुष सिन्हा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) अवश्य नियुक्त करें, ताकि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के सहयोग से मतदाता सूचियों की शुद्धता और विश्वसनीयता को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
तीसरे चरण का पूरा गणित और आंकड़े
घर-घर सत्यापन: देशभर में लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर वोटरों की जांच करेंगे।
लक्ष्य: इस चरण में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
एजेंटों का सहयोग: इस बड़े कार्य में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त लगभग 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहयोग करेंगे।
इन राज्यों को अभी रखा गया है अलग
तीसरे चरण के साथ देश के अधिकांश हिस्सों में यह प्रक्रिया लागू हो जाएगी। हालांकि, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को फिलहाल इससे अलग रखा गया है। वहां जनगणना के दूसरे चरण की पूर्णता तथा पर्वतीय व बर्फबारी वाले क्षेत्रों की मौसम परिस्थितियों को देखते हुए आगामी कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
पहले दो चरणों में 59 करोड़ वोटर हुए शामिल
उपायुक्त ने जानकारी दी कि विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले दो चरणों में देश के 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा चुका है। इन चरणों में 6.3 लाख से अधिक बीएलओ तथा राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 9.2 लाख से अधिक बीएलए ने अपनी भागीदारी निभाई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर सूचियों को पूर्णतः अद्यतन (अपडेट) व सही बनाना है।

